मध्यप्रदेश में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के प्रबंधन की जिम्मेदारी केन्द्रीय कृषि कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को सौंपी गई है। तोमर को चुनाव प्रबंधन समिति का संयोजक नियुक्त किए जाने की सूचना राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रदेश को दी है। तोमर ने वर्ष 2008 और 2013 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी।
तोमर और शिवराज सिंह चौहान की जोड़ी को प्रदेश में चुनाव प्रबंधन में सबसे सफल जोड़ी के रूप में देखा जाता है।

पिछले विधानसभा चुनाव में तोमर चुनाव प्रबंधन की मुख्य भूमिका से बाहर थे। नतीजा पार्टी को पंद्रह माह सरकार से बाहर रहने पड़ा था। तोमर को चुनाव प्रबंधन को जिम्मेदारी दिए जाने का निर्णय गृह मंत्री अमित शाह की भोपाल यात्रा के दौरान ले लिया गया था। शाह ने अपनी भोपाल यात्रा में प्रदेश भाजपा के सभी बड़े नेताओं से बंद कमरे में चर्चा की थी। इसके बाद नौ नेताओं को चयन चुनाव की रणनीति बनाने के लिए किया गया था। चुनाव की तैयारियां सीधे शाह दिशा निर्देशन में की जारी हैं। उनकी टीम भोपाल में सक्रिय हो गई है। उनके करीबी हिमांशु सिंह सक्रिय हो गए हैं।
पार्टी की ओर से वन मंत्री भूपेन्द्र यादव और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव राज्य के चुनाव प्रभारी और सह प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। पार्टी की सबसे बड़ी चिंता ग्वालियर-चंबल अंचल को लेकर दिखाई दे रही है। इस अंचल में विधानसभा की कुल 34 सीटें। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को सिर्फ सात सीटों से संतोष करना पड़ा था। इस बार ज्योतिरादित्य सिंधिया की मदद से भाजपा अंचल की तीस से अधिक सीटें जीतने की रणनीति पर काम कर रही है। इस अंचल में भाजपा के लिए सबसे मुश्किल सीट राघोगढ़ की मानी जाती है। पार्टी ने सिंधिया का उपयोग भी इस सीट करना शुरू कर दिया है। बसपा की चुनौती से निपटने की रणनीति भी भाजपा बना रही है।

लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं पावर गैलरी पत्रिका के मुख्य संपादक है. संपर्क- 9425014193