मध्यप्रदेश में दुष्कर्म मामले में फांसी 

दुष्कर्म करने वाले अपराधियों को सजा-ए-मौत की सजा मिल
दुष्कर्म करने वाले अपराधियों को सजा-ए-मौत की सजा मिल

मध्यप्रदेश में दुष्कर्म करने वाले अपराधियों की अब खेर नहीं है  दुष्कर्म करने वाले अपराधियों को सजा-ए-मौत की सजा मिल सकती है।  इसके लिए  भोपाल पुलिस मुख्यालय ने प्रस्ताव भेजा प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान के पास भेजा जिसको शिवराज सिंह चौहान ने हरी झंडी दे दी है। इसमें रेप को दोषी पाए जाने वाले को फांसी की सजा के साथ मनचलों के खिलाफ भी कठोर कदम उठाए जाने के प्रावधान हैं।

गैंगरेप मामले में फांसी या आजीवन कारावास

राज्य महिला अपराध शाखा की एडीजी अरुणा मोहन राव ने बताया कि पुलिस मुख्यालय ने रेपिस्ट और मनचलों के खिलाफ अब तक का यह सबसे बड़ा मसौदा तैयार किया है। कुछ दिनों पहले ही पीएचक्यू (पेशेन्ट हेल्थ क्वेस्चनेर) के इस प्रस्ताव को सीएम ने हरी झंडी दे दी है। अब राज्य शासन जल्द ही पीएचक्यू के इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार की सहमति के लिए भेजेगा। साथ ही एडीजी ने कहा कि 12 से कम उम्र की जितनी भी बच्चियों के साथ गैंगरेप होता है तो उसमें 20 साल तक के जेल से लेकर फांसी की सजा देने का प्रावधान रखा गया है।

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