मतदान केन्द्र में अत्यधिक रोशनी से होती है वीवीपैट मशीनें ख़राब, सेंसर पर होता है असर

वीवीपैट मशीनों में खराबी 'कंट्रास्ट सेंसर' और 'लेंथ सेंसर' की विफलता के कारण आती है।

चुनाव आयोग द्वारा मतदान के लिए उपयोग की जा रही वीवीपैट मशीनें अत्यधिक रोशनी में काम नहीं कर पाती है, जिससे की मशीनों के ‘कंट्रास्ट सेंसर’ और ‘लेंथ सेंसर’ प्रभावित होते है और मशीन काम करना बंद कर देती है। हाल में महाराष्ट्र में हुए भंडारा-गोंदिया और पालघर तथा उत्तर प्रदेश की कैराना और महाराष्ट्र की भंडारा गोंदिया सीट पर उप चुनाव के दौरान वीवीपैट मशीनों में खराबी मतदान केन्द्र में अत्यधिक रोशनी और कंट्रास्ट सेंसर की विफलता के कारण आयी थी। इस बात की पुष्टि चुनाव आयोग द्वारा बनाई गई दो विशेष टीमों ने अपनी आरंभिक रिपोर्ट में की है। इन टीमों ने यह रिपोर्ट आयोग को दी।

मशीनों में खराबी का मुख्य कारण
आरंभिक रिपोर्ट में खराबी के दो बडे कारण बताये गये हैं। रिपोर्ट में कहा गया है मशीनों में खराबी ‘कंट्रास्ट सेंसर’ और ‘लेंथ सेंसर’ की विफलता के कारण आयी। सेंसरों में खराबी का कारण मतदान केन्द्र में अत्यधिक रोशनी का होना था।

आयोग का सुझाव
आयोग ने मशीन बनाने वाली कंपनी तथा तकनीकी विशेषज्ञ समिति से मतदान केन्द्र के ले आउट में बदलाव के सुझाव देने को कहा है जिससे कि भविष्य में मशीनों पर अधिक रोशनी पडने से रोकी जा सके। आयोग ने यह भी कहा है कि वह इन मशीनों के स्ट्रांग रूम से निकलने के बाद इनका व्यापक तकनीकी विश्लेषण भी करे।

उसने मशीनों की मानक कार्य प्रक्रिया को दोहराते हुए इन्हें और मजबूत बनाने के लिए एक समिति का भी गठन किया है। उसने पहले स्तर पर होने वाली जांच प्रक्रिया को भी सख्त करने को कहा है। आयोग ने वीवीपैट के अत्यधिक रोशनी में अपने आप बंद होने से रोकने के लिए हार्डवेयर में सुझाये गये सुधारों को भी मान लिया है। आयोग ने मतदान अघिकारियों को और गहन प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया है जिससे कि मानवीय भूल की संभावना को कम किया जा सके।

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