बेटी कुहू ने सौतेली माँ पर लगाया पिता की मौत का आरोप , अपनी माँ की तस्वीर हटाने थी नाराज़

आध्यात्मिक संत भय्यूजी महाराज ने कथित तौर पर मंगलवार दोपहर मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित अपने घर में लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारकर जीवन समाप्त कर लिया। प्राथमिक जांच में पुलिस ने आत्महत्या की वजह घरेलू विवाद के तनाव को बताया है। वहीं, भय्यूजी महाराज की पत्नी और बेटी ने पुलिस को दिए बयान में एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

पुलिस पूछताछ में बेटी कुहू और पत्नी आयुषी ने परिवारिक तनाव का जिक्र करते हुए एक-दूसरे पर सीधे आरोप लगाए। इस दौरान बेटी कुहू ने कहा कि मैं डॉ. आयुषी को अपनी मां नहीं मानती। उन्हीं की वजह से पिता ने यह कदम उठाया। उन्हें जेल में बंद कर दीजिए। वहीं, पत्नी डॉ. आयुषी ने कहा कि कुहू को मैं और मेरी बेटी पसंद नहीं थी। इसलिए बेटी के जन्म के बाद ही मैं अपनी मां के घर रहने चली गई थी, क्योंकि कुहू यहां रहने वाली थी। कुहू के पुणे जाने के बाद कुछ दिन पहले ही मैं इंदौर आई थी और पति के साथ बढ़िया से रह रहे थे।

बता दें कि भय्यूजी ने पॉकेट डायरी में डेढ़ पेज का सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जो अंग्रेजी में है उसमें पारिवारिक कलह का जिक्र करते हुए उन्होंने खुद को बेहद तनाव मे होना बताया है। हालांकि उन्होंने खुद की सुसाइड के लिए किसी को दोषी नहीं बताया लेकिन शुरुआती जांच इस बात की ओर इशारा कर रही है कि 2015 में उनकी पहली पत्नी माधवी की मृत्यु हो जाने से वह अकेलापन महसूस कर रहे थे हालांकि उनकी माधवी से एक बेटी थी। भय्यूजी महाराज की दूसरी शादी के बाद बेटी ने उनसे दूरी बना ली थी वह पुणे से बहुत कम ही इंदौर आती थी।

बताया जाता है कि ,बीती 8 जून को उनकी पत्नी डॉ. आयुषी का जन्मदिन था, लेकिन इस मौके पर भी उनके चेहरे पर खुशियों की बजाय तनाव नजर आ रहा था। इस मौके को सेलीब्रेट करने भय्यू महाराज बायपास स्थित रेस्तरां आर-9 में पत्नी डॉ. आयुषी के साथ पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में बेटी कुहू को छोड़ आश्रम के सभी लोग और परिजन शामिल हुए। बताया जाता है कि बेटी कुहू पुणे से मंगलवार को घर आने वाली थी। वह इस बात से खुश थे, लेकिन चेहरे पर तनाव नजर आ रहा था।

मंगलवार की सुबह भय्यू महाराज बेटी कुहू के कमरे में पहुंचे तो वह अस्त-व्यस्त मिला। पत्नी से कहा कि कुहू आने वाली है। इसे व्यवस्थित क्यों नहीं करवाती हों? इसको लेकर दोनों के बीच बहस भी हुई। इसके बाद खड़े होकर नौकरों से कमरा साफ करवाया। काम पूरा होने तक वहीं खड़े रहे। बाद में उसी कमरे में आत्महत्या कर ली। वह हर बात पर पत्नी से ज्यादा बेटी का पक्ष लेते थे। इस पर दोनों में विवाद होते रहते थे। इस विवाद को देखकर नौकर सहम जाते थे।

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