मुक्केबाजी महासंघ की लापरवाही से इंटरनेशनल कप में हिस्सा लेने से चूके मुक्केबाज

वीजा समय पर नहीं मिलने के कारण जर्मनी में होने वाले कैमिस्ट्री कप में भारतीय मुक्केबाज हिस्सा नहीं ले पायेंगे। दो एशियाई युवा पदकधारी वाली इस नई दस सदस्यीय टीम को रविवार रात जर्मनी में हाले के लिए रवाना होना था। लेकिन वीजा नहीं बनने से योजना विफल हो गई। हालांकि राष्ट्रीय महासंघ ने आश्वस्त किया है कि मुक्केबाजों को जल्द ही एक अन्य टूर्नामेंट में भेजकर इसकी भरपाई की जाएगी।

भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि वीजा नहीं मिल सके क्योंकि हमें काफी बाद में पता चला कि शेनजेन वीजा के आवदेन उसी क्षेत्र से भरे जाते हैं जहां के आप होते हो। हम एक केंद्रीकृत प्रक्रिया अपनाते थे जो दिल्ली से की जाती थी। उन्होंने कहा कि लेकिन इस बार, हमें बताया गया कि आवेदन क्षेत्रीय केंद्र से ही भरे जा सकते हैं, जहां के मुक्केबाज हैं।

इस प्रक्रिया में काफी समय बरबाद हो गया था और वीजा समय पर नहीं मिले। अब हम सुनिश्चित करेंगे कि वीजा हासिल करने की प्रक्रिया 15 दिन पहले ही शुरू की जाए। सिंह ने कहा कि जिन मुक्केबाजों को आज यहां से वापस भेजा गया है, उन्हें जल्द ही अन्य टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस टूर्नामेंट के लिए चुने गए मुक्केबाजों को जल्द ही एक अन्य टूर्नामेंट में भेजा जायेगा। बल्कि ऐसा अगले 15 दिन में ही होगा। उन्हें निराश नहीं होना चाहिए, हम अगले 20 दिन में कुछ निमंत्रण टूर्नामेंट के लिए बातचीत कर रहे हैं। इस टीम ने एशियाई युवा रजत पदकधारी अंकुश दहिया (60 किग्रा) और रेयाल पुरी (81 किग्रा) थे। कैमिस्ट्री कप 13 से 18 मार्च तक आयोजित होगा।

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