नरोत्तम मिश्रा को नहीं मिली राहत:कांगे्रस ने इस्तीफे का दबाब बढ़ाया

चुनाव आयोग द्वारा अयोग्य ठहराए गए मध्यप्रदेश के मंत्री नरोत्तम मिश्रा की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट की डबल बैंच ने रविवार को छुट्टी के दिन सुनवाई की। इस सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले को इस लायक नहीं माना कि याचिकाकर्त्ता को राष्ट्रपति चुनाव में वोट ड़ालने की इजाजत दी जाए। मतदान की मांग की याचिका रद्द कर दी गई है। मिश्रा की याचिका रद्द होने के साथ ही राज्य की राजनीति में सत्ताधारी दल भाजपा और विपक्षी दल कांगे्रस में टकराव के आसार बढ़ गए हैं। सोमवार से राज्य में विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है। कांगे्रस ने सदन में आने पर नरोत्तम मिश्रा का विरोध करने का एलान कर दिया है। पूरे मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुप्पी साध रखी है। राज्य में यह दूसरा मौका है, जब मुख्यमंत्री अपने मंत्री से इस्तीफा मांगने का साहस भी नहीं जुटा पाए हैं। इससे पूर्व ज्ञान सिंह बिना विधायक के मंत्री रहे। उन्होंने लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद विधायक पद से इस्तीफा दिया था।

क्या है नरोत्तम मिश्रा का मामला?

राज्य के जल संसाधन मंत्री नरोत्तम मिश्रा को आयोग ने पिछले माह 23 जून को निर्धारित सीमा से अधिक राशि खर्च करने के कारण तीन साल तक चुनाव लड़ने के लिए अपात्र घोषित कर दिया था। मामला वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव का है। चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ मिश्रा विभिन्न अदालतों में अर्जी लगा चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई की थी। दिल्ली हाईकोर्ट की एकल पीठ ने शुक्रवार को उनकी उस याचिका को भी खारिज कर दी थी, जिसमें उन्होंने अपने चुनाव खर्च के ब्योरे में पेड न्यूज पर खर्च हुई राशि का खुलासा नहीं करने के कारण निर्वाचन आयोग द्वारा 23 जून को अयोग्य घोषित किए जाने और तीन वर्षो तक चुनाव लड़ने पर रोक लगाने के फैसले को चुनौती दी थी। इस फैसले के खिलाफ मिश्रा ने डबल बैंच में अपील की थी। न्यायाधीश मुरलीधर और न्यायाधीश प्रतिभा सिंह की सदस्यता वाली खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश को चुनौती देने वाली मिश्रा की याचिका खारिज कर दी।

मंत्रियों ने विधानसभा अध्यक्ष से विधायकों की सुरक्षा की मांग

इधर,पूरे मामले में दिलचस्प मोड़ उस वक्त आ गया जब राज्य के तीन कद्दावर मंत्री डॉ.गौरीशंकर शेजवार, उमाशंकर गुप्ता और विश्वास सारंग ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीताशरण शर्मा को एक संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपकर विधायकों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। राज्य में ऐसा पहली बार हो रहा है कि मंत्री,विधानसभा के भीतर सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। तीनों मंत्रियों ने कहा है कि  उन्हें अंदेशा है कि निर्वाचन आयोग द्वारा ‘अयोग्य’ घोषित मंत्री नरोत्तम मिश्रा के सोमवार को सदन में प्रवेश करने पर अप्रिय स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जैसा कि विपक्ष के नेता अजय सिंह ने चेतावनी दी उल्लेखनीय है कि नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने शनिवार को चेतावनी दी थी कि अगर मिश्रा सदन में आते हैं तो ऐसी अप्रिय स्थिति बनेगी, जिसकी किसी को कल्पना नहीं होगी। सहकारिता मंत्री  विश्वास सारंग ने संवाददाताओं से कहा कि अजय सिंह विधानसभा में क्या स्थिति निर्मित करना चाहते हैं, यह स्पष्ट बताएं। उनके बयान से सभी विधायक चिंतित हैं, इसके लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जानी चाहिए। साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों। हमने विधानसभा अध्यक्ष को स्थिति से अवगत कराया है।   वहीं विधानसभाध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा ने कहा, “मंत्रियों ने  ज्ञापन दिया है। विधानसभा में व्यवस्था बनाना मेरा उत्तरदायित्व है। मैं अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करूंगा।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here