शीला दीक्षित ने जताई नाराज़गी, कहा संविधान बदलवाने पीएम मोदी से मिलें

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी कैबिनेट के तीन मंत्रियों को केंद्र सरकार से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। उसके बावजूद उपराज्यपाल अनिल बैजल के कार्यालय में धरना शनिवार को भी जारी है। 11 जून की शाम से शुरू हुआ धरना शनिवार को छठे दिन में प्रवेश कर गया। AAP पार्टी ने मांगें पूरी ना होने की स्थिति में रविवार से पीएम आवास के सामने धरना देने की चेतावनी दी है। इस बीच शनिवार को सुबह अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर लोगों को ईद की मुबारकबाद दी है। हालांकि, ट्वीट में रोज की तरह धरने को लेकर कोई इशारा नहीं किया गया है।

केजरीवाल ने मोदी को फिर लिखा एक और पत्र
अरविंद केजरीवाल ने नीति आयोग की बैठक के मद्देनजर दिल्ली आईएएस अधिकारियों की हड़ताल खत्म कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिर पत्र लिखा है। श्री केजरीवाल ने लिखे पत्र में कहा है कि 17 जून को नीति आयोग की बैठक बुलायी गयी है और दिल्ली का मुख्यमंत्री हाेने के नाते बैठक के लिए उन्हें भी निमंत्रण मिला है।

उन्होंने लिखा है कि दिल्ली में पिछले तीन महीनों से नौकरशाह हड़ताल पर है जिसकी वजह से कई काम रुक गये हैं। उन्होंने कहा, “आईएएस अधिकारियों की हड़ताल को खत्म कराने के लिए पिछले पांच दिनों से मैं और मेरे तीन मंत्री उपराज्यपाल निवास पर हड़ताल को खत्म करवाने के लिए बैठे हैं,लेकिन उनकी तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।”

श्री केजरीवाल ने आईएएस अधिकारियों की हड़ताल के लिए श्री मोदी पर ही आरोप लगाया और कहा है कि आप इनकी हड़ताल को खत्म क्यों नहीं करवाते। इस तरह नौकरशाहों की हड़ताल करवाकर दिल्ली के लोगों को परेशान करना तो ठीक नहीं है। उन्होंने कहा, ” नीति आयोग की बैठक में जो मुद्दे हैं , उन पर अधिकारियों को ही अमल करना हैं। बैठक में स्वास्थ्य बीमा पर चर्चा होनी है। हमने दिल्ली में इसको लागू करने का पूरा प्लान पहले से ही बनाया हुआ है किंतु अधिकारियों की हड़ताल के कारण पूरा काम रुका हुआ है।”

पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने जताई नाराज़गी
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने LG हाउस पर धरना दे रहे मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की कार्य प्रणाली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि उन्हें दिल्ली की व्यवस्था को समझना चाहिए और काम नहीं करने का बहाना नहीं बनाना चाहिए।

शीला दीक्षित तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन का कहना है कि दिल्ली देश की राजधानी है और केन्द्र शासित क्षेत्र है जिसे पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिल सकता है। कांग्रेस ने भी तीन विधानसभा चुनाव में दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने को मुद्दा बनाया था लेकिन बाद में पार्टी को समझ में आ गया कि यह संभव नहीं है।

श्रीमती दीक्षित ने कहा कि दिल्ली में जमीन और पुलिस केन्द्र सरकार के अधीन है और वह यह अधिकार दिल्ली को नहीं देना चाहती है । यदि दिल्ली को जमीन और पुलिस का अधिकार देना है तो इसके लिए संविधान में संशोधन करना होगा और इस मुद्दे को लेकर श्री केजरीवाल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास जाना चाहिए। श्रीमती दीक्षित ने कहा कि वास्तव में श्री केजरीवाल काम नहीं करना चाहते हैं।

कांग्रेस के शासन के दौरान अनेक उल्लेखनीय काम किये गये लेकिन मुद्दों का राजनीतिकरण नहीं किया गया। जबकि आम आदमी पार्टी सरकार समन्वय से काम करने के बजाय मुद्दों का राजनीतिकरण कर रही हैं।

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