भारतीय जनता पार्टी को आम चुनाव से पूर्व लगा बड़ा झटका, विपक्षी हुए एकजुट

देश के सभी राज्यों के चार लोकसभा सीटों तथा 11 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद राजनितिक दलों की तस्वीरें लगभग साफ़ हो चुकी है। उप चुनावों के परिणामों से भारतीय जनता पार्टी को 2019 के आम चुनाव से पूर्व बड़ा झटका लगा है। जबकि विपक्षी एकता के लिए संबल है। भाजपा को दो लोकसभा सीट गंवानी पड़ी हैं और एक सीट बचा पाने में वह सफल रही है। भाजपा के लिए उत्तर प्रदेश में कैराना लोकसभा सीट और नूरपुर विधानसभा के परिणाम सबसे बड़ा आघात है। ये दोनों ही सीटें पहले उसके पास थीं। इन सीटों पर विपक्ष की एकजुटता ने उसकी हार सुनिश्चित की। इससे पहले वह राज्य में विपक्ष की एकता के कारण गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों के उपचुनाव हार चुकी है।

किसे कौनसी सीट मिली
भाजपा महाराष्ट्र की पालघर सीट बचाने में सफल रही। जहां उसने शिवसेना को परास्त किया। राज्य की भंडारा गोंदिया सीट राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने जीत ली। उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट पर राष्ट्रीय लोकदल प्रत्याशी तबस्सुम हसन ने भाजपा की मृगांका सिंह को 46,618 मतों से हराया। नूरपुर विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के नईम उल हसन ने भाजपा की अवनी सिंह को 5678 मतों से पराजित किया।

कैराना से भाजपा ने पूर्व सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को चुनाव मैदान में उतारा था, वहीं एकजुट विपक्ष की तरफ से राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) की तबस्सुम मुनव्वर हसन मैदान में थीं। नूरपुर सीट भाजपा विधायक लोकेन्द्र सिंह चौहान की सडक दुर्घटना में मौत के कारण रिक्त हुई थी। उपचुनाव में भाजपा ने इस सीट पर उनकी पत्नी अवनी सिंह काे चुनाव मैदान में उतारा था।

पालघर भाजपा के नाम
पालघर लोकसभा सीट भाजपा सदस्य चिंतामन वनगा के निधन के कारण रिक्त हुई थी। श्री वनगा के पुत्र श्रीनिवास वनगा को भाजपा ने टिकट नहीं दिया। जिसके कारण वह शिवसेना में शामिल हो गये थे और शिवसेना ने उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया था। शिवसेना भाजपा के साथ केन्द्र और राज्य दोनों जगह सरकार में है। भाजपा के उम्मीदवार राजेन्द्र गावित ने शिवसेना के उम्मीदवार को 29574 मतों से पराजित किया।

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