परिवारवाद की ओर माया का एक और कदम

उत्तरप्रदेश के चुनाव में सब कुछ लुटाने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती भाजपा विरोधी दलों से हाथ मिलाने के लिए तैयार हो गईं हैं। माया ने भाजपा के खिलाफ अपनी लड़ाई में छोटे भाई आनंद कुमार को भी जोड लिया है। आनंद कुमार को इस शर्त के साथ पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया गया है कि वे कभी किसी संवैधानिक पद पर अपना दावा नहीं ठोकेंगे।

आनंद कुमार उपाध्यक्ष बनाने का एलान अंबेडकर जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में किया गया। इस मौके पर मायावती ने कहा कि मैंने इस शर्त के साथ आनंद कुमार को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने का फैसला लिया है कि वह पार्टी में हमेशा नि:स्वार्थ भावना से कार्य करता रहेगा और कभी भी सांसद, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री आदि नहीं बनेगा। इसी शर्त के आधार पर आज मैं उसे पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष घोषित कर रही हूं।ह्णह्ण कार्यक्रम में मायावती लिखा हुआ भाषण पढ़ने के आरोपों पर जहां सफाई देती नजर आईं, वहीं ईव्हीएम की गड़बड़ी का मुद्दा भी उन्होंने लोगों के सामने रखा। लिखा भाषण पढ़ने पर मायावती ने कहा कि 1996 में उनके गले का बडा ऑपरेशन हुआ था और पूरी तरह खराब हो चुका एक ह्यग्लैण्डह्ण डाक्टरों ने निकाल दिया था। मौखिक भाषण देने में उंचा बोलना पडता है, लेकिन डाक्टरों ने ऐसा नहीं करने की सलाह दी है। भाजपा पर 2014 के लोकसभा और 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ईवीएम :इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन: में गडबडी करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, ह्यह्यमैं कदम पीछे खींचने वाली नहीं हूं। हमारी पार्टी भाजपा द्वारा ईवीएम की गडबडी के खिलाफ बराबर संघर्ष करेगी और इसके लिए भाजपा विरोधी दलों से भी हाथ मिलाना पडा तो अब उनके साथ भी हाथ मिलाने में परहेज नहीं है।

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