तटीय कर्नाटक में अशांति के लिए भाजपा जिम्मेदार : मंत्री

बेंगलुरू,  कर्नाटक के गृह मंत्री आर. रामालिंगा रेड्डी ने मंगलवार को एक युवक की मौत के बाद भाजपा द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन से दक्षिणी राज्य के तटीय इलाकों में फैली अशांति के लिए विपक्ष को दोषी ठहराया है। पिछले सप्ताह 18 वर्षीय युवक की मौत पर क्षेत्र में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर रेड्डी ने संवाददाताओं से कहा, “राज्य के भाजपा नेता भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के निर्देश पर तटीय शहरों (कुमता, होनावर और सिरसी) में ये लोग हिंसा भड़का रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “चूंकि कर्नाटक में 2018 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव है, इसलिए भाजपा लोगों का ध्रुवीकरण करने और वोट बैंक की राजनीति के लिए ऐसा कर रही है। हम उन्हें इसमें सफल नहीं होने देंगे।”

प्रतिबंध के आदेश के बावजूद लगभग 600 भाजपा समर्थकों ने बैरीकेड्स तोड़कर उत्तर कन्नड़ जिले के सिरसी में विरोध प्रदर्शन किया।

उन्होंने परेश मेस्ता की ‘अप्राकृतिक’ मौत की जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच कराने की मांग की है, जिसका कटा हुआ शरीर बेंगलुरू से उत्तर-पश्चिम में 490 किलोमीटर दूर होनावर के झील में तैरता हुआ पाया गया था।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका और उनमें से 200 को प्रतिबंध के आदेश के उल्लंघन और पत्थर फेंकने व दुपहिया वाहनों को जलाने के आरोप में हिरासत में ले लिया।

भाजपा द्वारा मांगी जा रही एनआईए जांच की मांग पर रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार मेस्ता की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रही है, हालांकि मणिपाल अस्पताल के अंतरिम रिपोर्ट में किसी भी गड़बड़ी होने की बात को खारिज कर दिया।

रेड्डी ने मैसूर से भाजपा के लोकसभा सांसद विजया सिन्हा की एक वीडियो क्लिपिंग का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं को कानून-व्यवस्था में बाधा डालने के लिए उकसाया है।

मंत्री ने कहा, “हम भाजपा नेता सहित उन सभी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे, जो मेस्ता की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फैला रहे हैं।”

युवक की मौत के बाद, भाजपा ने आरोप लगाया था कि मेस्ता की हत्या जिहादियों द्वारा की गई है।

बेंगलुरू में भाजपा नेताओं ने मौत की एनआईए से जांच कराने की मांग करते हुए राज्यपाल वाजुभाई आर. वाला को ज्ञापन सौंपा है।

भाजपा सांसद के.एस. ईश्वरप्पा और शोभा कारांदलजे द्वारा हस्ताक्षर किए गए ज्ञापन में कहा गया, “चूंकि मेस्ता की हत्या जिहादियों द्वारा की गई, हम मेस्ता की हत्या सहित हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं की मौत के लिए एनआईए जांच की मांग करते हैं।”

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