जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगाने की घोषणा किसी भी वक़्त हो सकती है

भारतीय जनता पार्टी द्वारा पीडीपी से समर्थन बापस लिए जाने के बाद वहां चुनी हुई सरकार के पुनर्गठन की सम्भावनाये नगण्य है। कांग्रेस ने स्पष्ट शव्दो में कह दिया है वो जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के साथ मिलकर सरकार नहीं बनाएगी। वर्तमान राजनितिक हालात में जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की घोषणा किसी भी वक़्त की जा सकती है।

मुख्यमंत्री पद से अपना स्तीफा राज्यपाल को सौंपने के बाद मेहबूबा मुफ़्ती अपनी आगे की रणनीति का खुलासा शाम 5 बजे कर सकती है। भाजपा ने घाटी के हालात बिगड़ने के लिए मेहबूबा मुफ़्ती को जिम्मेदार ठहराया है। भाजपा ने यह कदम ऑपरेशन आल आउट के तहत आतंकवादियों का सफाया करने के लिए उठाया है। भाजपा द्वारा मेहबूबा मुफ़्ती से समर्थन लेने के पीछे राज्य के नेताओ का भरी दबाव बताया जा रहा है।

राज्यपाल वोहरा का कार्यकाल बढ़ाया
जम्मू-कश्मीर के तेजी से बदलते राजनीतिक घटना क्रम के बीच राज्यपाल एन एन वोहरा का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है। गृहमंत्रालय ने उन्हें आगामी आदेश तक काम करते रहने के लिए कहा है। वोहरा का कार्यकाल 25 जून को समाप्त हो रहा था।

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