उप चुनाव परिणाम भाजपा के खिलाफ, विपक्षी एकता पड़ी भारी

देश के सभी राज्यों में 4 लोकसभा तथा 11 विधानसभा सीटों लिए हुए उपचुनाव के गुरूवार को आये परिणामों से साफ हो गया है, कि मोदी सरकार के चार साल के उपलब्धियों के दावे खोखले हैं और देश की जनता ने उसे नकारना शुरू कर दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि उप चुनाव भले ही लोकसभा और विधानसभा की 15 सीटों के लिए हुए हैं, लेकिन ये उपचुनाव देश के चारों दिशाओं में हुए और सभी जगह जनमत भाजपा सरकार के खिलाफ गया है।

उप चुनाव जितनी सीटों पर हुए उनमें ज्यादा भाजपा या उसके सहयोगी दलों के पास थी और पूरा जनादेश भाजपा के खिलाफ गया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार चार साल की उपलब्धियों पर जश्न मना रही है और अपने काम को लेकर करोड़ों रुपए विज्ञापन पर खर्च कर रही है, लेकिन जनता उसकी असलियत को समझ चुकी है। भाजपा हर चुनाव में नियमों के विपरीप जाकर काम कर रही है और इसके बावजूद उसे इसी तरह से चित होना पड़ रहा है।

श्री तिवारी ने इस चुनाव को भाजपा तथा उसके सहयोगी दलों की हार करार दिया और कहा कि इससे मोदी सरकार को समझ लेना चाहिए, कि उसे किसानों तथा देश के अन्य सामान्य लोगों ने उसकी नीतियों को लेकर जवाब दिया है। यह पूछने पर क्या कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल एकजुट होकर मोदी के खिलाफ लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ 13 या 14 पार्टियां हैं। जबकि भाजपा की सहयोगी पार्टियों की संख्या 47 है। उन्होंने श्री मोदी तथा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को चुनौती दी है, कि वह अपने सहयोगी दलों के नाम बिना सूची के पढकर सुनाएं।

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