इजरायल की सुरक्षा के लिए एक साथ काम करेंगे अमेरिका और रूस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 16 जुलाई को फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात की। दोनों नेताओं ने इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर बात की और इसके लिए अमेरिका और रूस एक साथ मिलकर काम करेंगे। श्री पुतिन के साथ मुलाकात के बाद श्री ट्रम्प ने कहा, “हम दोनों ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की। वे इजरायल की सुरक्षा से संबंधित सीरिया में कुछ करना चाहते हैं। इस संबंध में रूस और अमेरिका मिलकर काम करेंगे।”

रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि सीरिया को लेकर दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक चर्चा हुयी। श्री ट्रम्प ने कहा, “कई वर्षाें से हमारी सेनाओं ने हमारे नेताओं से बेहतर काम किया है। और हम सीरिया में भी एक साथ काम कर रहे हैं।” दोनों नेताओं ने ईरान को लेकर भी चर्चा की। उल्लेखनीय है कि सीरिया में करीब आठ वर्षों से जारी गृह युद्ध में अमेरिका और रूस अलग-अलग गुटों का समर्थन करते हैं। श्री ट्रम्प ने कहा कि दोनों देश सीरियाई लोगों की मानवीय सहायता करना चाहते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “रूस और अमेरिका साथ मिलकर नहीं चल रहे थे लेकिन अब मुझे लगता है कि दुनिया इन दोनों देशों को साथ देखना चाहती है।” वहीं, श्री पुतिन ने कहा कि श्री ट्रम्प ने हमेशा फोन के जरिए तथा अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के दौरान मुलाकात करके संपर्क बनाए रखा। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम विभिन्न अंतरराष्ट्रीय समस्याओं एवं संवेदनशील मुद्दों पर बात करें।

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति और रूसी राष्ट्रपति के बीच ऐतिहासिक शिखर वार्ता की शुरुआत ही इस बात से हुयी कि दोनों देशों के बीच बेहतरीन संबंध कायम होंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि वह श्री पुतिन के साथ व्यापार, सेना तथा चीन समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। श्री ट्रम्प ने जहां ‘असाधारण संबंधों’ का वादा किया, वहीं श्री पुतिन ने कहा कि दुनियाभर में विवादों का हल समय की आवश्यकता है। श्री ट्रम्प ने फुटबॉल विश्वकप के सफल आयोजन के लिए श्री पुतिन को बधाई भी दी।

श्री ट्रम्प ने अमेरिका और रूस के बीच तनाव के लिए अपने पूर्ववर्तियों को जिम्मेदार ठहराया। वर्ष 2014 में जब रूस ने क्रीमिया पर कब्जा कर लिया और 2016 में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में कथित रूसी हस्तक्षेप के दावों के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में काफी तनाव पैदा हो गया था। कुछ अमेरिकी राजनेताओं ने राष्ट्रपति चुनाव के दौरान डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन के अभियान की कथित रूप से हैकिंग में शामिल 12 रूसी सैन्य खुफिया एजेंटों पर शुक्रवार को आराेप तय किये जाने के बाद इस मामले को लेकर श्री ट्रम्प और श्री पुतिन के बीच शिखर वार्ता को रद्द करने की मांग की गयी थी। इसके अलावा सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद को समर्थन जारी रखने के लिए भी अमेरिका में रूस की आलोचना की जाती है।

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