अदालत का फैसला लोगों से मेरे रिश्ते कमजोर नहीं कर सकता : शरीफ

इस्लामाबाद,  भ्रष्टाचार के मामले में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के पद से हटाए गए नवाज शरीफ ने रविवार को कहा कि अदालत का कोई भी फैसला आम लोगों से उनके रिश्ते को कमजोर नहीं कर सकता। अपनी सत्तारूढ़ पार्टी के जनसंपर्क अभियान की शुरुआत में एबटाबाद में एक जनसभा में शरीफ ने अपने समर्थकों से कहा, “(बड़ी संख्या में) लोग यहां आए हैं और इनका समर्थन यह साबित करता है कि अदालत का कोई भी फैसला मुझे और लोगों को अलग नहीं कर सकता।”

उन्होंने कहा, “लोगों ने ऐसा ही समर्थन 2013 के आम चुनाव में दिया था। अगर किसी को लगता है कि मुझे हरा दिया जाएगा, तो वह गलत हैं। मैं उनमें से नहीं हूं जिसे यहां हरा दिया जाए।”

रविवार की रैली के साथ पूर्व प्रधानमंत्री ने अपनी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के जनसंपर्क अभियान की शुरुआत की।

पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय ने बीती 28 जुलाई को अपने एक ऐतिहासिक फैसले में पनामा पेपर मामले में नवाज शरीफ को प्रधानमंत्री पद के अयोग्य घोषित कर दिया था।

शरीफ ने कहा कि उनके सत्ता संभालते ही उनके खिलाफ धरने शुरू हो गए लेकिन वह विकास के रास्ते पर चलते रहे।

नवाज शरीफ ने कहा कि ‘पनामा ड्रामा’ पहले से रचा गया था। उन्होंने कहा, “अगर मैं तानाशाह होता तो मैं आपसे अलग होकर चला जाता, लेकिन मैंने वादा किया है कि मैं आपका साथ नहीं छोड़ूंगा और मुझे उम्मीद है कि यहां मौजूद लोग भी मेरा साथ नहीं छोड़ेंगे।”

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