27 साल बाद राउंड रॉबिन प्रारूप में खेला जाएगा विश्वकप

वर्ष 1992 का एकदिवसीय विश्वकप राउंड रॉबिन प्रारूप में खेला गया था और उसके 27 साल बाद जाकर 2019 में इंग्लैंड में होने वाला विश्वकप राउंड रॉबिन प्रारूप में खेला जाएगा। वर्ष 1992 में जहां नौ टीमें थीं वहीं इस बार 10 टीमें राउंड रॉबिन प्रारूप में एक दूसरे के खिलाफ खेलेंगी।

वर्ष 1975 में शुरू हुये विश्वकप के पहले चार संस्करण ग्रुप मैचों के बाद सेमीफाइनल और फाइनल प्रारूप में खेले गये थे। 1992 में राउंड रॉबिन प्रारूप की शुरूआत हुई जिसमें सभी नौ टीमें एक दूसरे के खिलाफ खेलीं और शीर्ष चार टीमों के बीच सेमीफाइनल हुये। लेकिन इसके बाद इस प्रारूप का इस्तेमाल नहीं हुआ। वर्ष 1996 के विश्वकप में क्वार्टरफाइनल की शुरूआत हुई जबकि 1999 के विश्वकप में सुपर सिक्स की शुरूआत हुई। आईसीसी विश्वकप 27 साल बाद उसी राउंड रॉबिन प्रारूप में लाैट रहा है जिसमें पाकिस्तान की टीम करिश्माई वापसी करते हुये चैंपियन बनी। इस बार सभी 10 टीमें लीग चरण में एक दूसरे से खेलेंगी और चार टीमें नॉकआउट दौर में प्रवेश करेंगी।

भारत का पहला मुकाबला पांच जून को दक्षिण अफ्रीका से साउथम्पटन में, दूसरा मुकाबला नौ जून को आस्ट्रेलिया से ओवल में, तीसरा 13 जून को न्यूजीलैंड से नॉटिंघम में, चौथा 16 जून को पाकिस्तान से मैनचेस्टर में, पांचवां 22 जून को अफगानिस्तान से साउथम्पटन में, छठा 27 जून को वेस्टइंडीज़ से मैनचेस्टर में, सातवां 30 जून को इंग्लैंड से बर्मिंघम में, आठवां दो जुलाई को बंगलादेश से बर्मिंघम में और नौंवां छह जुलाई को श्रीलंका से लीड्स में होगा।

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