विश्व पर्यावरण दिवस का 43 वां संस्करण, बीट प्‍लास्टिक पोल्‍यूशन का संदेश

World Environment Day 2018 UN का सबसे बड़ा दिन माना जाता है विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरण की सुरक्षा और जागरूकता के लिए इसे मनाया जाता है। 1974 से विश्व पर्यावरण दिवस की शुरुआत हुई थी। दुनिया में 100 देश इसे मनाते हैं। हर देश इस दिन पर एक थीम रखता है। इस बार का थीम प्लास्टिक प्रदूषकों से निपटने पर आधारित है। विश्व पर्यावरण दिवस पर होने वाले फंक्शन में पीएम नरेंद्र मोदी शामिल होंगे। वह दिल्ली के राजपथ के लॉन में प्रदर्शनी का मुआयना करेंगे।

 

भारत को इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस के 43 वें संस्करण पर वैश्विक समारोह के आधिकारिक आयोजन की जिम्मेदारी दी गयी है । पर्यावरण मंत्री, संयुक्‍त राष्‍ट्र के प्रतिनिधि और विभिन्‍न औद्योगिक इकाइयों के सदस्‍य और कई गणमान्‍य व्‍यक्ति इस समारोह में शामिल होंगे। इस वर्ष विश्‍व पर्यावरण दिवस का विषय है – ‘बीट प्‍लास्टिक पोल्‍यूशन’ यानी प्‍लास्टिक प्रदूषण को समाप्‍त करना।

प्रधानमंत्री ने पिछले महीने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 44वें संस्‍करण में कहा था कि विश्‍व पर्यावरण दिवस समारोह का आधिकारिक आयोजक होना, जलवायु परिवर्तन से निपटने से जुड़े मुद्दों में भारत की बढ़ती भूमिका का प्रतीक है।

  • विश्व पर्यावरण दिवस
    -वर्ष 1972 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा मानव पर्यावरण विषय पर संयुक्त राष्ट्र महासभा का आयोजन किया गया था।
    -इसी चर्चा के दौरान विश्व पर्यावरण दिवस का सुझाव भी दिया गया और इसके दो साल बाद, 5 जून 1974 से इसे मनाना भी शुरू कर दिया गया।

पर्यावरण की बिगड़ती स्थिति एवं उसका विश्व के भविष्य पर प्रभाव’
1974 की गोष्ठी में प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने ‘पर्यावरण की बिगड़ती स्थिति एवं उसका विश्व के भविष्य पर प्रभाव’ विषय पर व्याख्यान दिया था। पर्यावरण-सुरक्षा की दिशा में यह भारत का प्रारंभिक कदम था। तभी से हम प्रति वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाते आ रहे हैं।

इस दिन दुनिया में सबसे ज्यादा वृषारोपण होते हैं
9 नवंबर 1986 से पर्यावरण संरक्षण अधिनियम लागू हुआ। इसमें जल, वायु, भूमि – इन तीनों से संबंधित कारक और मानव, पौधों, सूक्ष्म जीव, अन्य जीवित पदार्थ आदि पर्यावरण के अंतर्गत आते हैं। विश्व पर्यावरण दिवस वह दिन है, जिस दिन दुनिया में सबसे ज्यादा वृषारोपण होते हैं।

विश्व पर्यावरण दिवस पर हर साल एक नया थीम होता है
विश्व पर्यावरण दिवस पर हर साल एक नया थीम होता है। इस बार की थीम है प्लास्टिक प्रदूषण से धरती को दूर रखना। पर्यावरण को बचाना है तो धरा को प्रदूषण मुक्त करना है और उसे प्लास्टिक से दूर रखना है और पेड़ लगाने से होता है, अगर आज पेड़ लगेंगे , तभी हम कल सांस ले पाएंगे इसलिए आज पेड़ लगाइए और इस खूबसूरत धरा को बचाकर अपना कल संवारे, यही इस दिन का सही उद्देश्य है।

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