प्रगति के माध्‍यम से प्रधानमंत्री ने 25वें संवाद की अध्यक्षता की

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने 25 अप्रैल को प्रगति के माध्‍यम से होने वाले 25वें संवाद की अध्‍यक्षता की। सक्रिय व बेहतर प्रशासन तथा समयबद्ध कार्यान्‍वयन के लिए आईसीटी आधारित प्रगति एक बहुआयामी मंच है।
25 प्रगति बैठकों में कुल 10 लाख करोड़ रूपये के निवेश वाली 227 परियोजनाओं की समीक्षा हुई। लोक शिकायतों के समाधान की भी समीक्षा की गई है।

25 प्रगति बैठकों के पूरे होने पर प्रधानमंत्री ने सभी हितधारकों को बधाई दी है। उन्‍होंने कहा कि प्रगति कार्य प्रणाली से केंद्र और राज्‍यों के बीच आपसी सहयोग और समन्‍वय बेहतर हुआ है। उन्‍होंने आगे कहा कि प्रगति – पहल हमारी संघीय संरचना के लिए एक महत्‍वपूर्ण सकारात्‍मक शक्ति है। रूकी हुई परियोजनाओं की समीक्षा के अलावा इस मंच ने सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं को बेहतर बनाने में सहायता प्रदान की है।

25 अप्रैल को 25वीं बैठक में प्रधानमंत्री ने पूर्व सैन्‍य कर्मियों के कल्‍याण से संबंधित शिकायतों व इसके समाधान में हुई प्रगति की समीक्षा की। उन्‍होंने शिकायतों के समाधान की गति को तेज करने पर बल दिया ताकि कम से कम समय में पूर्व सैन्‍यकर्मियों की समस्‍याओं का सकारात्‍मक रूप से समाधान किया जा सके।
प्रधानमंत्री ने रेल, सड़क, पेट्रोलियम, ऊर्जा, कोयला, शहरी विकास तथा स्‍वास्‍थ्‍य व परिवार कल्‍याण से संबंधित 10 अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। ये परियोजनाएं हिमाचल प्रदेश, उत्‍तर प्रदेश, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्‍ट्र, असम, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, बिहार, तमिलनाडु और झारखंड में चल रही हैं। प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना के कार्यान्‍वयन की प्रगति की समीक्षा की। उन्‍होंने अनुसूचित जनजाति छात्रों की उच्‍च शिक्षा के लिए राष्‍ट्रीय छात्रवृत्ति और फेलोशिप कार्यक्रम की भी समीक्षा की।

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