नायडू ने की थी कभी कोविंद की नियुक्ति अब बन जाएंगे बॉस

पहली बार रायसीना रोड़ के सबसे आलीशन बंगले में भारतीय जनता पार्टी का नेता राष्ट्रपति के तौर पर निवास करेगा और देश के संचालन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। राष्ट्रपति चुनाव के लिए डाले गए वोटों की गिनती का काम तेजी से चल रहा है। रामनाथ कोविंद की ताजपोशी के लिए वोटों की गिनती का काम औपचारिकता भर है। रामनाथ कोविंद,भारतीय जनता पार्टी में कभी पहली पंक्ति के नेता नहीं रहे। वे दो बार राज्यसभा के सांसद रहे हैं। कभी केन्द्र में मंत्री बनने का मौका भी उन्हें नहीं मिला। भारतीय जनता पार्टी में वे राष्ट्रीय प्रवक्ता के अलावा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं। मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर उनकी नियुक्ति वैंकेया नायडू ने भारतीय के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए की थी। नायडु को पार्टी ने उप राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया है। देश की संवैधानिक व्यवस्था में कोविंद प्रथम नागरिक और नायडू का नाम दूसरे नबंर पर आएगा।

शाम तक हो जायेगी निर्वाचन की घोषणा

देश के 14वें राष्ट्रपति के लिए 17 जुलाई को हुए मतदान की गिनती गुरुवार को शुरू हो गई। राष्ट्रपति चुनाव के लिए मुकाबला सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और विपक्षी दलों की संयुक्त उम्मीदवार मीरा कुमार के बीच है। चुनाव का अंतिम परिणाम शाम तक आने की संभावना है, जिससे यह तय होगा कि देश का अगला राष्ट्रपति कौन होगा। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 25 जुलाई को समाप्त हो रहा है। मतगणना आठ चरणों में होगी और हर चरण के बाद वोटों की घोषणा की जाएगी। राष्ट्रपति मुखर्जी के उत्तराधिकारी के चुनाव के लिए संसद भवन में एक, राज्य विधानसभाओं में 29, केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में दो मतदान केंद्र बनाए गए थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here