छात्र ने परीक्षा स्थगित कराने के लिए की थी प्रद्युम्न की हत्या : सीबीआई

नई दिल्ली,  केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को कहा कि गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल का एक 16 वर्षीय छात्र कक्षा दो के छात्र प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या का मुख्य अभियुक्त है। वह आगामी परीक्षा को स्थगित करना चाहता था। हरियाणा के गुरुग्राम की एक अदालत ने 11वीं कक्षा के इस छात्र को तीन दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है।

सीबीआई प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने कहा कि कक्षा 11वीं के छात्र को प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी के रूप में मंगलवार रात गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले एक स्कूल बस कंडक्टर को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिसपर हरियाणा पुलिस ने हत्या करने का दावा किया था।

सीबीआई को यह सफलता अपराध स्थल का निरीक्षण, सीसीटीवी फूटेज की जांच, कॉल रिकॉर्ड, बयान और कई लोगों से पूछताछ के बाद हाथ लगी है। पूछताछ से पता चला था कि यह छात्र घटना के दिन स्कूल परिसर में एक चाकू लेकर पहुंचा था और उसी का इस्तेमाल उसने अपने कनिष्ठ स्कूल सहपाठी को मारने के लिए किया।

दयाल ने संवाददाताओं को बताया, “अपराध में इस्तेमाल हथियार एक चाकू है, जिसे शुरुआत में गुरुग्राम में पुलिस ने घटनास्थल से बरामद किया था। वह अब हमारे पास है।”

उन्होंने कहा कि हिरासत में लिया गया छात्र पढ़ाई में कमजोर था और परीक्षाओं और पेरेंस्ट्स-टीचर्स मीटिंग को स्थगित करना चाहता था और इस सबसे बचने के लिए उसने बगैर सोचे-समझे प्रद्युम्न (सात) की हत्या कर दी।

अधिकारी ने कहा कि मुख्य संदिग्ध से सीसीटीवी फूटेज के आधार पर मुख्य रूप से पूछताछ की गई, जिसमें उसे स्कूल के शौचालय से बाहर निकलते हुए देखा गया था। प्रद्युम्न का गला रेता हुआ शरीर शौचालय में पड़ा मिला था।

वहीं 11वीं कक्षा के छात्र के पिता का कहना है कि उनके बेटे को फंसाया जा रहा है। छात्र का नाम उजागर नहीं किया गया है।

उन्होंने गुरुग्राम में मीडिया से कहा कि एक दिन पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके बेटे को पूछताछ के लिए बुलाया था। “सीबीआई ने मुझे बताया कि मेरे बेटे को हिरासत में लिया जा रहा है, क्योंकि उसने प्रद्युम्न की हत्या की है।”

उन्होंने कहा, “हम पहले दिन से पुलिस को सहयोग कर रहे थे। सीबीआई ने लगातार हमसे पूछताछ की और हमने सहयोग किया।”

सीबीआई ने हरियाणा पुलिस से 22 सितंबर को स्कूल के बाथरूम में प्रद्युम्न की गला रेतकर हुई हत्या के करीब दो सप्ताह बाद यह मामला अपने हाथ में ले लिया था।

छात्र को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां अदालत द्वारा यह निर्णय लिए जाने की संभावना है कि उसे किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और सुरक्षा) अधिनियम, 2015 के अनुसार बालिग माना जाए, या नाबालिग।

सीबीआई छात्र को हिरासत में रखना चाहती है, ताकि हत्या में प्रयोग हथियार, अपराध की योजना और मकसद के बारे में पता लगाया जा सके।

वहीं, घटना के बाद हरियाणा पुलिस ने दावा किया था कि स्कूल के बस कंडक्टर अशोक कुमार ने यौन उत्पीड़न का विरोध जताने पर शौचालय के अंदर प्रद्युम्न की हत्या कर दी थी।

अशोक को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि प्रद्युम्न के पिता और दो अन्य कर्मचारियों ने दावा किया था कि अशोक को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।

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