कल्याण बचे, क्या उमा की कुर्सी जाएगी?

बाबरी मस्जिद गिराए जाने के मामले में भारतीय जनता पार्टी के बीस से अधिक नेताओं के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट आपराधिक षडयंत्र के आरोप को बहाल कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा बुधवार को दिए गए आदेश के बाद उमा भारती को केन्द्रीय मंत्रिमंडल और कल्याण सिंह को राजस्थान के राज्यपाल पद से हटाए जाने का दबाव बन सकता है। ये दोनों नेता भी आपराधिक षडयंत्र के आरोपी हैं। कल्याण सिंह के मामले में अदालत ने कहा है कि उनके खिलाफ मुकदमा राज्यपाल पद से हटने के बाद चलाया जाए। न्यायालय ने लखनउ में आडवाणी, एम एम जोशी, उमा भारती एवं अज्ञात ह्यकारसेवकोंह्ण के खिलाफ दो अलग अलग मामलों की संयुक्त सुनवाई का आदेश दिया। न्यायालय ने सीबीआई को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि अभियोजन के कुछ गवाह बयान दर्ज कराने के लिए निचली अदालत में पेश हों। न्यायालय ने कहा कि उसके आदेश का शब्दश: पालन होना चाहिए और उसने उसके आदेशों का पालन नहीं किए जाने की स्थिति में पक्षों को न्यायालय के पास आने का अधिकार दिया।
अदालत ने सुनवाई कर रही लखनऊ की अदालत को चार सप्ताह में कार्यवाही शुरू करने और यह स्पष्ट करने का निर्देश देते हुए कहा कि नए सिरे से कोई सुनवाई नहीं होगी। अदालत ने यह भी कहा बाबरी मस्जिद मामले की सुनवाई कर रही निचली अदालत के न्यायाधीश को निर्णय दिए जाने तक स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। सीबीआई को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि अभियोजन के कुछ गवाह बयान दर्ज कराने के लिए निचली अदालत में पेश हों।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here