पंचांग-02 दिसम्बर 2017

कलियुगाब्द……………..5119
विक्रम संवत्……………2074
शक संवत्………………1939
मास…………………….अगहन
पक्ष……………………….शुक्ल
तिथी……………………चतुर्दशी
रात्रि 12.57 पर्यंत पश्चात पूर्णिमा
रवि…………………दक्षिणायन
सूर्योदय……….06.51.03 पर
सूर्यास्त……….05.41.14 पर
तिथि स्वामी……………..कलि
नित्यदेवी………….भगमालिनी
नक्षत्र…………………….भरणी
दोप 12.07 पर्यंत पश्चात कृत्तिका
योग……………………….परिघ
दोप 12.52 पर्यंत पश्चात शिव
करण………………………गरज
दोप 02.41 पर्यंत पश्चत वणिज
ऋतु………………………..शरद
दिन…………………….शनिवार

🇬🇧 आंग्ल मतानुसार :-
02 दिसम्बर सन 2017 ईस्वी ।

☸ शुभ अंक………………….2
🔯 शुभ रंग………………..नीला

👁‍🗨 राहुकाल :-
प्रात: 09.34 से 10.55 तक ।

🚦 दिशाशूल :-
पूर्वदिशा- यदि आवश्यक हो तो उड़द का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें।

चौघडिया :-
प्रात: 08.14 से 09.34 तक शुभ
दोप. 12.15 से 01.35 तक चंचल
दोप. 01.35 से 02.56 तक लाभ
दोप. 02.56 से 04.16 तक अमृत
सायं 05.37 से 07.16 तक लाभ
रात्रि 08.56 से 10.36 तक शुभ।

🎶 आज का मंत्र :-
|| ॐ धीरवीराय नमः ||

संस्कृत सुभाषितानि :-
अष्टावक्र गीता – नवदश अध्याय :-
जनक उवाच-
तत्त्वविज्ञानसन्दंश-
मादाय हृदयोदरात्।
नानाविधपरामर्श-
शल्योद्धारः कृतो मया॥१९- १॥
अर्थात:-
राजा जनक कहते हैं – तत्त्व-विज्ञान की चिमटी द्वारा विभिन्न प्रकार के सुझावों रूपी काँटों को मेरे द्वारा हृदय के आन्तरिक भागों से निकाला गया॥१॥

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