पंचांग-1 नवम्बर 2017

कलियुगाब्द………………5119
विक्रम संवत्…………….2074
शक संवत्……………….1939
मास…………………….कार्तिक
पक्ष……………………….शुक्ल
तिथी……………………द्वादशी
संध्या 05.57 पर्यंत पश्चात त्रयोदशी
तिथि स्वामी……………….सूर्य
नित्यदेवी………………….भेरुंडा
रवि………………….दक्षिणायन
सूर्योदय………..06.31.15 पर
सूर्यास्त………..05.49.23 पर
नक्षत्र……………….पूर्वाभाद्रपद
प्रातः 07.40 पर्यंत पश्चात उत्तराभाद्रपद
योग…………………….व्याघात
दोप 04.18 पर्यंत पश्चात हर्षण
करण……………………..बालव
संध्या 05.57 पर्यंत पश्चात कौलव
ऋतु………………………..शरद
दिन……………………..बुधवार

💮 आंग्ल मतानुसार :-
1 नवम्बर सन 2017 ईस्वी ।

👁‍🗨 राहुकाल :-
दोपहर 12.10 से 01.33 तक ।

🚦 दिशाशूल :-
उत्तरदिशा – यदि आवश्यक हो तो तिल का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें।

☸ शुभ अंक…………..1
🔯 शुभ रंग……………हरा

💮 चौघडिया :-
प्रात: 06.35 से 07.58 तक लाभ
प्रात: 07.58 से 09.22 तक अमृत
प्रात: 10.46 से 12.10 तक शुभ
अप. 02.57 से 04.21 तक चंचल
सायं 04.21 से 05.45 तक लाभ
रात्रि 07.21 से 08.57 तक शुभ

💮 आज का मंत्र :-
।।ॐ वक्रतुण्डाय नम: ।।

सुभाषितम् :-
अष्टावक्र गीता – अष्टादश अध्याय :-
शुद्धस्फुरणरूपस्य
दृश्यभावमपश्यतः।
क्व विधिः क्व वैराग्यं
क्व त्यागः क्व शमोऽपि वा॥१८- ७१॥
अर्थात :-
जो शुद्ध स्फुरण रूप है, जिसे दृश्य सत्तावान नहीं मालूम पड़ता, उसके लिए विधि क्या, वैराग्य क्या, त्याग क्या और शांति भी क्या॥७१॥

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