गृह मंत्रालय: देेश की 10 जांच एजेंसियां कर सकेंगी किसी के भी कम्प्यूटर की जासूसी

0
137

गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय के साइबर सुरक्षा एवं सूचना विभाग ने देश की शीर्ष 10 जांच एजेंसियों को किसी के भी कम्प्यूटर में बिना किसी आदेश के जांच करने की अनुमति दी है। केंद्र सरकार ने कहा है कि देश की सुरक्षा को बरकरार रखने और किसी भी प्रकार की देश विरोधी गतिविधियों को देखने और उस पर लगाम लगाने के लिए इस प्रकार के कदम उठाए जा रहें हैं। 

10 जांच एजेंसियों के नाम जो किसी के भी कम्प्यूटर की जांच कर सकते हैं: 

केंद्र सरकार के मुताबिक इंटेलिजेंस ब्यूरो, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय, सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स, डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस, सीबीआई, एनआईए, कैबिनेट सेक्रेटेरिएट (रॉ), डायरेक्टरेट ऑफ सिग्नल इंटेलिजेंस और दिल्ली के कमिश्नर ऑफ पुलिस ये वो 10 जांच एजेंसियां हैं जिन्हें जांच का आदेश दिया गया है। साथ ही केंद्र सरकार ने कहा है कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69 के तहत यदि एजेंसियों को किसी भी संस्थान या व्यक्ति पर देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने का शक होता है तो वे उनके कंप्यूटरों में मौजूद सामग्रियों को जांच सकती हैं और उन पर कार्रवाई कर सकती हैं।

औवेसी ने आदेश का किया विरोध और कहा कि स्वागत है आपका 1984 में: 

केंद्र सरकार ने इस फेैसले का विपक्षी दलों ने जमकर विरोध किया है साथ ही इस आदेश को देश की जनता के निजता पर हमला बताया है। वहीं एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन औवेसी ने ट्वीट कर कहा है कि ‘मोदी ने हमारी राष्ट्रीय एजेंसियों को हमारे संचार पर छेड़छाड़ करने की अनुमति देने के लिए एक सरल सरकारी आदेश का उपयोग किया है। कौन जानता था कि जब उन्होंने ‘घर घर मोदी’ कहा था तो उनका यही मतलब था। जॉर्ज ऑरवेल का बिग ब्रदर यहां है और 1984 में आपका स्वागत है।’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here