भ्रष्टाचार घोटाले में फंसा पुणे वनडे मैच

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पुणे,  न्यूजीलैंड और भारत के बीच पुणे में खेले जाने वाला दूसरा अंतर्राष्ट्रीय एकदिवसीय मैच बुधवार को आयोजन से पहले ही भ्रष्टाचार के घेरे में फंस गया है। पुणे के मैदान के निरीक्षक पांडुरंग सालगांवकर के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।

एक टेलीविजन चैनल का दावा है कि उन्होंने सट्टेबाज के रूप में एक स्टिंग ऑपरेशन किया था, जिसमें उन्होंने पिच की स्थिति जानने की कोशिश की थी?

‘इंडिया टुडे’ के अनुसार, सालगांवकर को कैमरे में यह कहते सुना जा रहा है कि काम हो जाएगा।

सालगांवकर ने कहा, “यह पिच 337 रन के लक्ष्य को आसानी से हासिल किया जा सकता है।”

कैमरे में सालगांवकर को अन्य लोगों के साथ पिच पर जाते देखा जा रहा है। उन्होंने कहा, “पिच पर इस तरह जाने की अनुमति नहीं है, लेकिन हमने किया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के निरीक्षक भी पास बैठे रहते हैं। कोई भी अनजान व्यक्ति पिच पर नहीं जा सकता। यह बीसीसीआई और आईसीसी का नियम है।”

सालगांवकर ने कहा, “अगर बीसीसीआई और आईसीसी कल मुझसे पूछेगा, तो मैं कहूंगा कि कोई नहीं आया था और मुझे इस बारे में नहीं पता।”

बीसीसीआई ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई का वादा किया है। बोर्ड के कार्यकारी सचिव अमिताभ चौधरी ने कहा, “हम इसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करेंगे। मुझे अभी इस पूरे मामले की जानकारी नहीं है।”

अमिताभ ने कहा, “यह बहुत गंभीर मामला है। जो कोई भी इसके लिए जिम्मेदार है, उससे सख्ती से निपटा जाएगा, इसमें कोई शक नहीं है। ऐसी चीजों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।”

बोर्ड के कार्यकारी सचिव ने कहा कि इस बारे में उन्होंने महाराष्ट्र क्रिकेट संघ के प्रमुख से भी बात की है।

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त कमिटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स (सीओए) ने भी इस मामले के बारे में जानकारी ली है।

सीओए के प्रमुख विनोद राय का कहना है कि इस प्रकार की चीजों को सीओए नहीं सहेगा और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सालगांवकर ने 1971-82 के दौरान तेज गेंदबाज के रूप में महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व किया था। वह महाराष्ट्र रणजी टीम के प्रमुख चयनकर्ता के रूप में भी काम कर चुके हैं।

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