अंतर्राज्य परिषद की स्थायी समिति ने पुंछी आयोग की रिपोर्ट पर विचार-विमर्श पूरा किया

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में अंतर्राज्य परिषद की स्थायी समिति की 13वीं बैठक में समिति ने 25 मई को पुंछी आयोग की सभी 273 अनुशंसाओं पर विचार-विमर्श पूरा किया।

इस बैठक में पुंछी आयोग की रिपोर्ट के इन 2 खंडों में की गई अनुशंसाओं पर विचार-विमर्श किया गया। खंड 6 में की गई अनुशंसाएं पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधन तथा अवसंरचना से संबंधित है। इसके अंतर्गत (1) पर्यावरण (2) जल (3) वन (4) खनिज तथा (5) अवसंरचना के विषय शामिल हैं।

खंड 7 सामाजिक-आर्थिक विकास, लोक नीति तथा उत्तम प्रशासन से संबंधित है। इसके अंतर्गत (1) लोकनीति, संवैधानिक प्रशासन व लोक प्रशासन (2) सामाजिक राजनीतिक विकास तथा प्रशासन पर इसका प्रभाव (3) लोगों की मौलिक जरूरतें, नीति निर्देशक तत्व तथा राज्य का उत्तरदायित्व, केंद्र द्वारा प्रायोजित विकास योजनाएं व केंद्र राज्य संबंध (4) पलायन, मानव विकास तथा संवैधानिक प्रशासन के समक्ष चुनौतियां तथा (5) उत्तम प्रशासन तथा जनसेवाएं के विषय शामिल हैं।

पुंछी आयोग का गठन 2005 में किया गया था। आयोग ने अपनी रिपोर्ट 2010 में सौंपी थी। रिपोर्ट 7 खंडों में है और अनुशंसाएं केंद्र-राज्य संबंध, संवैधानिक तथा केंद्र-राज्य संबंधों का प्रदर्शन, केंद्र-राज्य वित्तीय संबंध तथा योजना निर्माण, स्थानीय स्वशासन तथा विकेंद्रीकृत प्रशासन, आंतरिक सुरक्षा, आपराधिक न्याय व केंद्र-राज्य सहयोग, पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधन व अवसंरचना तथा सामाजिक आर्थिक विकास, लोक नीति व उत्तम प्रशासन आदि विषयों से संबंधित है।

इस बैठक में स्थायी समिति के सदस्यों के रूप में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग, नौवहन एवं जल संसाधन, नदी विकास व गंगा संरक्षण मंत्री श्री नितिन गडकरी; केंद्रीय सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्री श्री थावर चंद गहलोत; केंद्रीय कानून और न्याय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद; केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों, कोयला तथा रेलवे मंत्री श्री पीयूष गोयल और केंद्रीय पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. हर्षवर्धन शामिल हुए।

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