कुपोषण के खिलाफ अमिताभ बच्चन हॉर्लिक्स मिशन पोषण से जुड़े

बच्चे हमारे देश के भावी निर्माता हैं। यदि वही स्वस्थ नहीं रहगे तो हमारी जड़े हिल जाएगी। हमारे देश के अधिकांशतः बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। कुपोषित बच्चे अपने को ही ठीक नहीं रख पाते हैं, वे दूसरों के लिए क्या कर सकेंगे। हमारे यहाँ कुछ ही माता- पिता अपने बच्चों को संतुलित आहार खिला पाते हैं। बाकि लोग को इसकी जानकारी ही नहीं हैं, की उचित पोषण न मिलना ही ‘कुपोषण’ हैं। बच्चो में कुपोषण का मतलब भूख से नहीं है। हालाँकि कई बार दोनों साथ साथ होता है। गंभीर रूप से कुपोषण के शिकार बच्चों को उसकी बढ़ने के लिए जरुरी पोषक तत्त्व नहीं मिल पाते। बच्चों को कुपोषण से बचने के लिए हर संभव प्रयास जरुरी हैं क्योंकि एक बार अगर बच्चा कुपोषण का शिकार हो जाये तो उसे दोबारा ठीक नहीं किया जा सकता।


बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन कुपोषण और शिशु मृत्युदर के मुद्दों को हल करने के लिए एक अभियान से जुड़े हैं। जीएसके कंज्यूमर हेल्थकेयर ने हॉर्लिक्स मिशन पोषण लॉन्च किया है, जो बच्चे के जीवन के पहले हजार दिनों पर ध्यान केंद्रित होगा। यह बच्चों के संज्ञानात्मक विकास, शारीरिक विकास और प्रतिरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।यह अभियान सरकार के राष्ट्रीय पोषण अभियान का समर्थन करता है। बिग बी वर्ष भर योजनाबद्ध कई गतिविधियों का हिस्सा होंगे, जिसमें 12 घंटे के लाइव टेलीथॉन और स्कूलों और गांवों में जागरूकता शिविर शामिल हैं।


अमिताभ ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने सहयोग की घोषणा की। उन्होंने ट्वीट किया, “क्या आप जानते थे कि हमारे देश भारत में विश्व के 50 प्रतिशत बच्चे कुपोषित हैं। हमें अब कुपोषण के खिलाफ लड़ाई शुरू करने की जरूरत है। मैं कुपोषण से लड़ने के लिए सबसे बड़े आंदोलन में शामिल होने से पहला कदम उठा रहा हूं।”

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