क्या पहले भी हो सकती है पदोन्नति

क्या पहले भी हो सकती है पदोन्नति 1993 बैच की कोशिश यह है कि सरकार पदोन्नति देने का सिलसिला अभी शुरू कर दे। जून से सितंबर के बीच कुल तीन पद प
क्या पहले भी हो सकती है पदोन्नति 1993 बैच की कोशिश यह है कि सरकार पदोन्नति देने का सिलसिला अभी शुरू कर दे। जून से सितंबर के बीच कुल तीन पद प

क्या पहले भी हो सकती है पदोन्नति

1993 बैच की कोशिश यह है कि सरकार पदोन्नति देने का सिलसिला अभी शुरू कर दे। जून से सितंबर के बीच कुल तीन पद प्रमुख सचिव के वेतनमान रिक्त होंगे। जून में व्हीके बाथम, जुलाई में सीमा शर्मा तथा सितंबर में एसके मिश्रा का रिटायरमेन्ट है। 71 बैच चाहता है कि जैसे-जैसे पद रिक्त होते जाएं, अधिकारियों को पदोन्नति दे दी जाए। 93 बैच में वरिष्ठता क्रम में सबसे ऊपर नाम संजय दुबे का है।

 

वे इंदौर के संभागायुक्त हैं। इसके बाद नंबर मनोहर अगनानी का आता है। वे सागर के संभागायुक्त हैं। संजय दुबे कभी नहीं चाहेंगे कि वे जल्दी पदोन्नति पाने के लिए इंदौर जैसा संभाग छोड़े। मामला अटका तो राकेश श्रीवास्तव को अगस्त में सचिव के वेतनमान में ही रिटायर होना पड़ेगा।

 

वैसे भी 93 बैच में राकेश श्रीवास्तव का नाम आखिरी नंबर पर है। इस कारण उन्हें पदोन्नति मिल पाएगी, इसकी संभावना नहीं है। सरकार पर एसके मिश्रा जैसा असर राकेश श्रीवास्तव का नहीं है कि वे समय से पदोन्नति ले लें।

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