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Rohit Gupta

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राजस्थान विधानसभा चुनाव: बीकानेर के किसामीदेसार में बदली ईवीएम

राजस्थान में 199 विधानसभा सीटों के लिए मतदान जारी है। राज्य में सीधा मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच है। सुबह 9:30 बजे तक 10.15% मतदान दर्ज किया गया था। राजस्थान विधानसभा चुनाव में मतदान की खबरों से हर पल अपडेट रहने के लिए पढ़ते रहे पावर गैलरी का लाइव ब्लॉग-

राजस्थान में शरद यादव की वसुंधरा राजे पर विवादित टिप्पणी


जनता दल सेक्युलर के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने राजस्थान के अलवर में एक चुनावी कार्यक्रम में राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर विवादित टिप्पणी की है। यादव ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा कि “वसुंधरा को अब आराम दो, वह काफी थक गई है और काफी मोटी भी हो गई है। वह हमारे मध्यप्रदेश की बेटी है और पहले पतली थी।”

बता दें कि अपने विवादित बयानों को लेकर शरद यादव हमेशा चर्चा का विषय बने रहते है। 2017 में विवादित बयान देते हुए शरद यादव ने कहा था कि “वोट की इज्जत बेटी की इज्जत से बड़ी होती है”. वहीं 2015 में यादव ने संसद में चर्चा में भाग लेने के दौरान अचानक दक्षिण भारतीय सांवली महिलाओं की सुंदरता का वर्णन करना शुरू कर दिया था.

बिचौलिए मिशेल पर गांधी परिवार का नाम लेने के लिए कौन बना रहा दबाव ?

अगस्ता-वेस्टलैंड घोटाले में बिचौलिए मिशेल की गिरफ्तारी के बाद हर रोज नई-नई बातें सामने आ रही है। दुबई से भारत आने के पहले मिशेल ने दुबई में अधिकारियों को दिए बयान में कहा कि मोदी सरकार इस मामले में उनका नाम इसलिए ले रही है ताकि वह इस मामले में वह मनमोहन सरकार या गांधी परीवार का नाम लें और उनके खिलाफ गवाही दें।

साथ ही मिशेल ने मामले में सफाई हेते हुए कहा कि मैने भारत की पिछली सरकार के साथ काम किया था, जिसका नेतृत्व डॉ. मनमोहन सिंह कर रहे थे। वहीं 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बदल गई और मुझे एक बार फिर आरोपी बनाया गया है क्योंकि मैंने पिछली सरकार के साथ रक्षा मंत्रालय को हेलिकॉप्टर सप्लाई करने में शामिल था।

साथ ही मिशेल ने यह भा कहा कि इस डील में मेरी तरफ से किस भी प्रकार की घूस नही ली गई है। जब डील में शामिल विमानों की क्षमता को 6000 मीटर से घटाकर 4000 मीटर किया गया तब में कंपनी की यूके ब्रांच में काम कर रहा था।

मिशेल की पैरवी कर रहे वकील को कांग्रेस ने पार्टी से निकाला

वहीं इसी बीच मिशेल की तरफ से भारत में केस लड़ रहे वकील अल्जो के जोसेफ को लेकर भी बवाल मच गया है. जोसेफ यूथ कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट के नेशनल इंचार्ज थे. मामले को तूल पकड़ता देख यूथ कांग्रेस ने उन्हें निकाल दिया है.

जोसेफ ने इस मामले में सफाई दी और एक हिंदी न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए अल्जो जोसेफ ने कहा कि यह मेरा प्रोफेशन है, मैं अपना काम कर रहा हूं. मैं सुप्रीम कोर्ट में वकील हूं, जेटली साहब भी तो तरह-तरह के लोगों के केस लड़ते हैं. दुबई और इटली से मिशेल के वकीलों ने मुझसे संपर्क किया तब मैंने केस लड़ने के लिए रजामंदी दी.

मध्यप्रदेश कांग्रेस का घोषणा पत्र: कृषि एवं किसान सशक्तिकरण

भारतीय जनता पार्टी की सरकार में किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है, डीजल, खाद, बीज के भाव बढ़ने से लागत बढ़ी है, उस अनुपात में उपज के दाम नहीं मिले हैं। कर्ज बढ़ा है, इन तनावों के चलते आत्‍महत्‍याएं बढ़ी हैं, भाजपा सरकार का किसानों की आय कोदो गुना करने का सपना खोखला साबित हुआ है। म.प्र. में कांग्रेस सरकार बनने पर कांग्रेस पार्टी वचन देती है कि-

1.1 सभी किसानों का 2.00 लाख तक कर्जमाफ करेंगे। जिसमें सहकारी बैंक एवं राष्‍ट्रीकृत बैंकों का चालू एवं कालातीत कर्ज शामिल रहेगा।

1.2 किसानों को शून्‍य ब्‍याज योजना का वास्‍तविक लाभ देने के लिए भुगतान की नई तिथि रबी फसल हेतु 31 मई तक और खरीफ फसल हेतु 31 दिसम्‍बर रखेंगे।

1.3 स्‍वामीनाथन आयोग की स्‍थापना यूपीए सरकार के समय हुई थी उनकी सिफारिशें किसानोंके हित में थीं, लेकिन भाजपा सरकार ने नहीं माना है। हमारी कांग्रेस सरकार बनने पर किसानोंको उनकी उपज का उचित मूल्‍य दिलायेंगे। मंडियों में समर्थन मूल्‍य से नीचे फसल नहीं बिकनेदेंगे , कांग्रेस सरकार किसानों को – गेहूँ, धान, ज्‍वार, बाजरा, मक्‍का, सोयाबीन, सरसों,कपास, अरहर, मूंग, चना मसूर, उड़द, लहसुन, प्‍याज, टमाटर तथा गन्‍ने पर बोनसदेगी।

1.4 ‘’इन्दिरा किसान ज्‍योति योजना’’ इस नई योजना के अंतर्गत 10 हॉर्सपावर तक के कृषिप्रयोजन के लिए आधी दर पर विद्युत प्रदाय करेंगे। अंत्‍योदय परिवार को पूर्वकी भांति पूरीछू ट रहेगी।

  • 10 हॉर्सपावर तक के अस्‍थायी विद्युत कनेक्‍शन में 50 प्रतिशत की छू ट दी जायेगी तथा कृषक इसे फसल की थ्रेशिग हेतु इस्‍तेमाल कर सकेगा।
  • किसानों को 3 फ़े स की बिजली प्रतिदिन 12 घंटे देना सुनिश्चित करेंगे, जिसमें कम से कम 8 घण्‍टे दिन का समय रहेगा। 1.5 नवीन फसल बीमा योजन कांग्रेस सरकार नवीन फसल बीमा योजना लायेगी, फसल बीमा की इकाई खेत रहेगा, जो किसान स्‍वेच्‍छा से इससे पृथक रहना चाहते हैं, उन्‍हे अनुमति रहेगी। बीमा कम्‍पनियों द्वाराकिसानों को बीमा पॉलिसी एवं प्रीमियम राशि की रसीद देना सुनिश्चित किया जायेगा।
  • नई फसल आने के पूर्व फसल क्‍लेम का वितरण करायेंगे।
  • ग्रामसभा की अनुशंसा पर फसल बीमा का लाभ किसान को देंगे ।
  • फसल बीमा से वंचित किसानों की फसल नुकसानी पर मुआवजा हेतु भू-राजस्‍व परिपत्र 6-4 में संशोधन करेंगे।
  • बिना कर्ज लिये खेती करने वाले कृषक को भी फसल बीमा से जोड़ेंगे।

1.6 कृषकों का जीवन एवं स्‍वास्‍थ्‍य बीमा किया जायेगा ।

1.7 किसानों को क्रेडिट कार्ड देंगे एवं क्रेडिट कार्डकी लिमिट बढ़ाने के लिए केन्‍द्र को लिखेंगे।

1.8 भूमि अधिग्रहण एक्‍ट 2014 (UPA सरकार के समय का मूल एक्ट) को अक्षरश: लागू किया जायेगा।

1.9 किसान आंदोलन के समय किसानों पर दर्ज आपराधिक व राजनैतिक आंदोलनों में दर्ज सभी प्रकरण वापिस लिये जायेंगे।

1.10 मंदसौर गोलीकांड लाठीचार्जकांड की पुन: न्‍यायायिक जांच माननीय उच्‍च न्‍यायालय के न्‍यायाधीश से कराने के लिए माननीय मुख्‍य न्‍यायाधीश से अनुरोध करेंगे।

1.11 किसान को उपज का भुगतान तीन दिन के भीतर जिस तरह किसान चाहेगा उस तरह करेंगे। आयकर विभाग द्वारा नगद भुगतान की निर्धारित सीमा को इस प्रयोजन हेतु बढ़ाने के लिए प्रयास करेंगे।

1.12 मंडियों में इलेक्‍ट्रॉनिक धर्मकांटा लगवायेंगे।

1.13 मंडी कमेटियों का पुनर्गठन करेंगे, मंडी अधिनियम में संशोधन करेंगे तथा प्रदेश एवं देश की अन्‍य मंडियों से जोड़ेंगे ।

1.14 मण्‍डी शुल्‍कों का युक्तियुक्‍तकरण करेंगे ।

1.15 मंडियों में ग्रेडिग प्‍लांट के लिए किसानों के स्‍वसहायता समूह/ समितियों को रिक्‍त भूमि आवंटित की जायेगी।

1.16 सूचना एवं परामर्शकेन्‍द्र खोलेंगे तथा मंडियों में ठहरने एवं रियायती दर पर भोजन की व्‍यवस्‍था करेंगे।

1.17 राज्‍य कृ षि विकास आयोग की स्‍थापना की जायेगी।

1.18 सरदार वल्‍लभ भाई पटेल किसान पुत्र स्‍वावलंबन योजना पात्रता- कृषक परिवार के शिक्षित बेरोजगार जो स्‍नातक हैं और वह स्वयं कृषि विकास एवं विस्‍तार तथा कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, सहायक कृषि उद्योग जैसे पशुपालन, डेयरी विकास, कुक्‍कुट पालन, आदि करने के इच्‍छुक हैं, जिनकी आयु सीमा 25 से 50 वर्षहै और वे ग्रामीण क्षेत्र के मूल निवासी हैं तथा अन्‍य किसी व्‍यवसाय/नौकरी से उनकी आय नहीं है, वे पात्र होंगे। इस कार्यक्रम के अंतर्गत सुविधाएं:-

  •  रियायती ब्याज दर पर 5 वर्षके लिए रूपये 1 करोड़ तक का ऋण बैंक से उपलब्‍ध कराएंगे।
  •  कृषि प्रयोजन के लिए विद्युत में 25 प्रतिशत की छू ट देंगे।
  • सिंचाई कर में छू ट देंगे।
  • उपज के विक्रय की स्‍वतंत्रता तथा मंडी कर से छू ट देंगे।

1.19 गुणवत्‍तायुक्‍त और प्रमाणित बीज समय पर उपलब्‍ध करायेंगे, बीज उत्‍पादन सहकारी समिति और स्‍वसहायता समूह को जोड़ेंगे।

1.20 सहायक कृषि आधारित उद्योग जैसे- पशुपालन, डेयरी विकास, कुक्‍कुट पालन, म‍त्‍स्‍य पालन, उद्यानिकी के लाभ के लिए किसानों को प्रोत्साहन देंगे, रियायती ब्याज दर पर बैंक से 5 वर्ष का ऋण उपलब्‍ध कराएंगे।

1.21 दूध उत्‍पादक कृषक को दुग्‍ध संघ के माध्‍यम से प्रति लीटर 5 रूपये बोनस देंगे। दुधारू पशुओं का बीमा/ चिकित्‍सा सुविधा नि:शुल्क करेंगे।

1.22 खाद, बीज, कीटनाशक, कृषि यंत्र, सिंचाई आदि में कर/शुल्‍क की दरों बढ़ोतरी नहीं करेंगे ।

1.23 कृषि यंत्र तथा किसानी के उपयोग की वस्‍तुओं व पशुआहार पर 0 प्रतिशत जीएसटी हेतु जीएसटी काउंसिल (भारत सरकार) को अनुशंसा भेजेंगे ।

1.24 अमानक खाद, बीज तथा कीटनाशक बेचने वाले विक्रेताओं के विरूद्ध दण्‍डात्‍मक कार्यवाही के लिए कानून बनायेंगे । खाद की आपूर्ति समय पर सहकारी समितियों के माध्‍यम से करायेंगे।

1.25 मिट्टी एवं बीज परीक्षण नि:शुल्क सुविधा प्रदाय करेंगे।

1.26 मेरा खेत मेरा तालाब – ग्रामीण क्षेत्रों में भू-जल स्‍तर को बनाये रखने के लिए रियायती ब्याज दर पर ऋण बैंक से उपलब्‍ध कराएंगे।

1.27 सिंचाई के साधन की अनुदान राशि में बढ़ोतरी करेंगे।

1.28 कृषि पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई नीति बनाएंगे, पूंजी उपलब्‍ध करायेंगे। उद्योग विभाग के अनुदान की पात्र सूची में कृषि आधारित उद्योगों को जोड़ेंगे।

1.29 फसल की अनुकू लता के आधार पर स्‍पेशल एग्रीकल्‍चर ज़ोन स्‍थापित करेंगे। 1.30 200 से 500 हेक्टर विशेष कृषि प्रक्षेत्र विकसित किये जायेंगे, जिसमें एक ही स्‍थान पर कृषि उपकरण, सिंचाई, विद्युत, बीजोपचार, मिट्टी परीक्षण, ग्रेडिग, भण्‍डारण की सुविधा रहेगी, इन क्षेत्रों को मण्‍डी कर से मुक्‍त रखेंगे।

1.31 कृ षि भूमि की रजिस्‍ट्री में छूट’- प्रदेश के किसानों को खेती के विस्‍तार हेतु पटवारी हल्‍के में कृषि भूमि खरीदने पर स्‍टाम्‍प 6 प्रतिशत तथा कृषक महिलाओं के लिए 3 प्रतिशत स्‍टाम्‍प शुल्‍क रहेगा। इसमें शर्त यह रहेगी कि संबंधित व्‍यक्ति की प्रमुख आय खेती से हो। कृषि भूमि की रजिस्‍ट्री के आधार पर ही स्‍वत: नामांतरण एवं सीमांकन की व्‍यवस्‍था करेंगे। पारिवारिक बंटवारे के अंतर्गत स्‍टाम्‍प शुल्‍क 1 प्रतिशत की दर से पंजीकृत करने की व्‍यवस्‍था करेंगे।

1.32 गौशाला- प्रत्‍येक ग्राम पंचायत में गौशाला खोलेंगे एवं चिन्हित क्षेत्रों में गौ अभ्‍यारण्‍य बनाएंगे, इनके संचालन एवं रख रखाव के लिये सरकार अनुदान देगी ।

  • गौशाला में गोबर खाद, कण्‍डा व गौमूत्र एवं अन्‍य वस्‍तुओं का व्‍यावसायिक स्‍तर पर उत्‍पादन करायेंगे ।
  •  मुख्‍य मार्गों पर गौवंश के संरक्षण एवं देखभाल के लिए अस्‍थायी शिविर की व्‍यवस्‍था, दुर्घटना में घायल गायों का उपचार एवं मृत गायों के अंतिम संस्‍कार की व्‍यवस्‍था करेंगे।

1.33 पशुओं से फसल क्षति पर मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को सरलीकरण करेंगे तथा वन/ राजस्‍व विभाग को जवाबदेह बनायेंगे।

1.34 कृषकों की निजी भूमि पर छोटे-बड़े झाड़ लगे हैं जिनको काटने की अनुमति नहीं मिलती और न ही कृषक कृषि एवं अन्‍य कार्यकर पाता है, ऐसे जटिल प्रावधानों को शिथिल करेंगे।

1.35 कृषकों की कन्‍याओं के विवाहों के लिए ‘’कृषक कन्‍या विवाह सहायता योजना’’ प्रारंभ करेंगे। प्रोत्‍साहन राशि 51,000 रु. दी जायेगी। इस लाभ के लिए 2.5 एकड़ तक के खाताधारक भी पात्र होंगे।

1.36 आधुनिक कृषि उपकरणों का अधिक से अधिक उपयोग किसान करें, इसके लिए प्रशिक्षण, प्रदर्शन, प्रोत्‍साहन कार्यक्रम चलायेंगे।

1.37 आधुनिक कृषियंत्र जिनकी लागत दो लाख तक है उस पर 50 प्रतिशत अनुदान देंगे।

1.38 बंजर, बीहड़ एवं दुर्गम क्षेत्र की भूमि को कृषि योग्‍य बनाने एवं एक फसली क्षेत्र को दो फसली, दो फसली क्षेत्र को तीन फसली क्षेत्र बनाने के लिए विशेष कार्यक्रम चलायेंगे।

1.39 जैविक कृ षि उत्‍पाद – जैविक कृषि उत्‍पाद के प्रमाणीकरण के लिए केन्‍द्र स्‍थापित करेंगे तथा जैविक उत्‍पाद की ब्रांडिग करेंगे।

  • जैविक खेती के लिए प्रशिक्षण, प्रमाणित बीज एवं विपणन हेतुविशेष पैके ज देंगे।

1.40 किसानों को आधुनिक तकनीकी के आधार पर सब्‍जी, मसाला, औषधि फसल एवं फूल उत्‍पादन आदि के लिये पॉलीहाउस एवं ग्रीनहाउस की वर्तमान योजना के साथ-साथ छोटे आकार 1 हजार से 5 हजार वर्गफीट की यूनिट भी बनायेंगे तथा रियायती ब्याज दर पर बैंक से उपलब्‍ध कराएंगे।

1.41 किसानों के लिए नई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना प्रारंभ करेंग, इसके अंतर्गत 1000 रु. मासिक पेंशन देंगे, जिसके अंतर्गत 60 वर्षके एवं 2.5 एकड़ से कम भूमिधारक तथा अन्य किसी स्रोतों से आय न होने वाले किसान पात्र होंगे।

मध्यप्रदेश: विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने जारी की तीसरी सूची।

congress mp election final list

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने सोमवार को देर रात अपनी तीसरी सूची जारी कर दी है। सूची में कुल 13 लोगों के नाम है।

बता दें कि इससे पहले कांग्रेस ने पहली सूची में 155 प्रत्याशियों के नाम घोषित किये थे। वहीं दूसरी सूची में कांग्रेस ने 16 लोगों के नाम घोषित किये थे।

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की तीसरी सूची

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव: भाजपा ने घोषित की प्रत्याशियों की दूसरी सूची

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने आज उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है। इस सूची में कुल 17 उम्मीदवारों के नाम है।

मध्यप्रदेश चुनाव बना साधू-संतों का अखाड़ा

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार साधू-संतों का ख़ासा दखल देखने को मिल रहा है। एक ओर शिवराज सरकार में राज्यमंत्री मंत्री का दर्जा ठुकराके कंप्यूटर बाबा ने  मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। तो कथावाचक देवकीनंदन और पंडोखर सरकार के नाम से मशहूर गुरुशरण महाराज ने भी मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर दिया है। इनके एलावा और भी कई संत मैदान में उतरने का मन बना रहे है। 


कंप्यूटर बाबा इस समय प्रदेश में जगह-जगह संत समागम कर रहे है।जिसमें वह ‘मन की बात’ करके शिवराज सरकार को प्रदेश से उखाड़ फेकने की बात कर रहे है। 


वहीं कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने बुधवार को ‘सर्व समाज कल्याण’ पार्टी की घोषणा करते हुए कहा कि वह प्रदेश की सभी  230 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के बाद सरकारों के खिलाफ मुखर हुए कथावाचक और अखंड भारत मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवकीनंदर ठाकुर देवकीनंदन ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

पंडोखर सरकार ने भी नई राजनीतिक पार्टी ‘सांझी विरासत पार्टी’ का ऐलान किया। इस दौरान गुरुशरण महाराज ने बताया कि ये पार्टी मध्य प्रदेश की 50 से ज्यादा विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी और बाकी सीटों पर समान सोच वाले राजनैतिक दलों का समर्थन करेगी। पंडोखर सरकार भी शिवराज सरकार में संतों की उपेक्षा और एससी-एसटी एक्ट पर सरकार के कदम के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरे है। 

आखिर क्यों चुनावी मैदान में उतरे साधू-संत ?


मध्यप्रदेश में पहली बार संत समाज प्रत्यक्ष तौर पर राजनीती में दखल दे रहा है। इसका एक बड़ा कारण एससी-एसटी एक्ट पर सरकार का कदम है। साथ ही भारतीय जनता पार्टी द्वारा संतों को सत्ता में बैठाना से भी संत समाज के भीतर राजनैतिक महत्वाकांक्षाएं बड़ी है।

दरअसल साध्वी उमा भारती, राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, साक्षी महाराज और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देखकर संत समाज का राजनीति के प्रति आकर्षण बड़ा था.
वहीं इसी साल अप्रैल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भय्यूजी महाराज समेत पांच संतों को राज्यमंत्री का दर्जा प्रदान करके इन महत्वाकांक्षाओं को और बड़ा दिया। इन संतों में नर्मदानंदजी, हरिहरानंदजी, कंप्यूटर बाबाजी, भय्यूजी महाराज और योगेंद्र महंतजी शामिल थे।


शिवराज सरकार द्वारा इन संतों को राज्यमंत्री का दर्जा देने के बाद कई ओर संतों ने भाजपा से टिकट की मांग कर दी थी। जैसे रायसेन जिले के संत रविनाथ महीवाले ने सिलवानी विधानसभा सीट से तो वहीं रामचरित मानस में डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त 47 वर्षीय बाबा अवधेशपुरी उज्जैन जिले से बीजेपी का टिकट चाहते थे। इनके एलावा संत मदन मोहन खड़ेश्वरी महाराज सिवनी जिले की केवलारी विधानसभा सीट से बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़ना चाहते थे।


 यह सभी संत भारतीय जनता पार्टी से टिकट की मांग कर रहे थे और टिकट न मिलने पर कांग्रेस या निर्दलीय चुनाव लड़ने की धमकी भी दे रहे थे।

चुनाव पर क्या पड़ेगा असर ?


मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर उतरे ज्यादातर संत या तो एससी-एसटी एक्ट या फिर आरक्षण के मुद्दे पर सरकार के रुख से नाराज है। वहीं कई संत तथाकथित नर्मदा घोटाला और नर्मदा में चल रहे अवैध उत्खनन के मुद्दे पर चुनाव मैदान में उतरे है। प्रदेश के चुनावी रण में उतरे लगभग सभी संत या तो भाजपा के खिलाफ है या फिर भाजपा से नाराज है। ऐसे में इनकी राजनीती में एंट्री से सीधा नुक्सान भाजपा को होना है। यह संत चुनाव बाद चाहे सरकार न बना पाए या फिर कोई विधानसभा सीट भी न जीत पाए लेकिन भाजपा के परंपरागत सवर्ण वोटबैंक को सीधा नुक्सान जरूर पहुंचाएंगे।

भ्रष्टाचार और अपराध का पर्याय बनी शिवराज सरकार: प्रमोद तिवारी

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कांग्रेस के वरिष्ट नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने शनिवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए शिवराज सरकार को भ्रष्टाचार और अपराध का पर्याय बताया। तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के राज में प्रदेश अपराधियों के गढ़ में तब्दील हो गया है। शिवराज सिंह चैहान मामा का मुखौटा लगाकर यहां भ्रष्टाचारियों, महामारियों, अपराधियों, व्यभिचारियों, जमाखोरों और कमीशनखोरों की सरकार चला रहे हैं। ऐसा कोई अपराध नहीं बचा है जो शिवराज सरकार के सानिध्य में मध्यप्रदेश में न हुआ हो।

प्रमोद तिवारी ने निजी संस्था टाटा स्ट्रेटेजिक मेनेजमेंट की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि “बीते तेरह वर्षों के ‘मामा-राज’ में 30 हजार से अधिक हत्यायें, 46 हजार से अधिक बलात्कार, सवा दो लाख से अधिक जघन्य अपराध, और 28 लाख से अधिक आईपीसी के अपराध दर्ज किये गए। न्याय व्यवस्था का यह हाल है कि मध्यप्रदेश में साल के अंत तक 668920 आईपीसी के क्राइम पेंडिंग थे।

प्रमोद तिवारी ने कहा कि “मैंने अपने पूरे जीवन में ऐसा कोई घोटाला नही देखा जिसमे 50 से ज्यादा लोगों की जान गयी हो। व्यापमं घोटाले में मुख्यमंत्री ने एक करोड़ युवाओं के भविष्य को बेच दिया और 50 से ज्यादा लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया। हजारों करोड़ का ई-टेंडर घोटाल हुआ। हजारों करोड़ के रेत का अवैध उत्खनन मामा जी के आशीर्वाद से चल रहा है। अब तो हालात यह हो गये हैं कि भाजपा के वरिष्ठ मंत्रियों के वीडियो सामने आने लगे हैं, जिसमें वे कह रहे हैं कि 100 करोड़ रूपये मोदी जी को दूंगा और कृषि मंत्री बन जाऊंगा।”

महिला अपराध में नंबर वन

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर हमला बोलते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि “मध्यप्रदेश में अपराध में यह परिस्थितियां निर्मित हो गई है कि शाम 6 बजे के बाद बेटियों ने घर से निकलना बंद कर दिया है। मध्यप्रदेश में कामकाजी महिलाऐं देश में सबसे ज्यादा असुरक्षित है। मामा के राज में प्रदेश बलात्कार के मामने में नंबर वन रहा है। मामा सरकार के आने के बाद बलात्कार की घटनाओं में 70 प्रतिशत की वृद्धि हुई। न्याय व्यवस्था का हाल यह है कि प्रदेश में जब कांग्रेस की सरकार थी तो महिलाओं के खिलाफ सिर्फ 7000 मुक़दमे लंबित थे जो आज बढ़कर 85383 हो गये हैं। “

राम मंदिर पर कोर्ट के फैसले के साथ रहेगी कांग्रेस

कांग्रेस के वरिष्ट नेता प्रमोद तिवारी ने राम मंदिर निर्माण और राकेश सिन्हा के प्राइवेट बिल से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए कहा कि “चुनाव नजदीक आते ही भाजपा को मंदिराइटिस नाम की बीमारी हो जाती है। हिंदी राज्यों चुनाव नजदीक आते ही भाजपा को यहाँ राम मंदिर की याद आती है और चुनाव के बाद वह भगवान श्री राम को एक बार फिर वनवास पे भेज देती है। राकेश सिन्हा द्वारा संसद में लाए जा रहे प्राइवेट बिल के समर्थन के सवाल पर तिवारी ने कहा कि “राम मंदिर का मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है और कोर्ट का जो भी फैसला होगा वह कांग्रेस पार्टी को मान्य होगा और रही बात राकेश सिन्हा की तो वह जब बिल लाएँगे तब उसपर भी पार्टी अपना फैसला लेगी।

भोपाल: प्रत्याशियों की लिस्ट जारी करने से पहले भाजपा-कांग्रेस कार्यालय में बढ़ी सुरक्षा

भोपाल स्थित भाजपा और कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय के बाहर पुलिस ने भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया है। बता दें कि आज भाजपा विधानसभा चुनावों के लिए प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर सकती है। वहीं कांग्रेस भी कल चुनाव के लिए प्रत्याशियों की पहली सूची जारी करेगी।

पुलिस को आशंका है कि टिकट न मिलने से नाराज कार्यकर्ता और समर्थक कार्यालय के बाहर तोड़फोड़ कर सकते है। जिसके चलते पुलिस ने दोनों ही कार्यालय के बाहर पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है।

Exclusive: दिग्विजय सिंह से झड़प की खबरों का सिंधिया ने किया खंडन

मध्यप्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी की ख़बरें एक बार फिर सामने आ रही है. कल दिग्विजय सिंह की एक चिट्ठी सोशल मीडिया पर वायरल हो गयी थी. चिट्ठी में दिग्विजय सिंह ने सोनिया गाँधी से टिकट बटवारे वो लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी. हालाँकि दिग्विजय सिंह ने इस चिट्ठी पर सफाई देते हुए इस चिट्ठी को फर्जी करार दे दिया था.

मीडिया में फैली सिंधिया-दिग्विजय में झड़प की खबर

मीडिया आज सुबह-सुबह सुबह खबर आई की देर रात स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में दिग्विजय सिंह और सिंधिया के बीच झड़प हो गयी थी. टिकट बटवारे को लेकर दिग्विजय सिंह और सिंधिया राहुल गाँधी के सामने ही बहस करने लगे. प्रदेश के दोनों दिग्गज नेताओं के बीच हुई इस लड़ाई के कारण राहुल गाँधी भी काफी नजर हो गए है.


सिंधिया ने किसी भी विवाद का किया खंडन

मीडिया में ख़बरें आने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिग्विजय सिंह से किसी भी विवाद का खंडन किया है. सिंधिया के करीबी सू्त्रों के मुताबिक कल रात स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में उनका दिग्विजय सिंह से कोई विवाद नहीं हुआ. 

Update: दिग्विजय सिंह ने भी किया किसी भी तरह के विवाद का खंडन


ज्योतिरादित्य सिंधिया के बाद अब दिग्विजय सिंह ने भी ज्योतिरादित्य सिंधिया से किसी भी तरह के विवाद का खंडन किया है। दिग्विजय सिंह ने अपने ट्विटर अककॉउंट पर लिखा कि “मीडिया में यह गलत खबर चलाई जा रही है कि मेरे और सिंधिये जी के बीच कोई विवाद हुआ है जिसमे राहुल गांधी जी को बीच बचाव करना पड़ा। मध्यप्रदेश कांग्रेस के हम सभी नेता एक है और इस भ्रष्ट भाजपा सरकाकर को मध्यप्रदेश में हारने के लिए प्रतिबद्ध है।


https://twitter.com/digvijaya_28/status/1057991702785351681?s=19