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संपादकीय

बीन का सम्मोहन और खजाने की चौकीदारी में चूक

श्रावणमास होने के कारण बीन का ख्याल आ गया। हिंदू धर्म में श्रावण मास का अलग महत्व है। श्रावण मास में कई तीज-त्यौहार होते हैं। कुछ साल पहले तक इस मास में पड़ने वाली नाग पंचमी पर बीन की धुन गली मोहल्ला और चौराहों पर सुनाई दे जाती थी। बीन …

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चुनावी बिसात पर दम तोड़ती प्रशासनिक मर्यादा

मंत्रालय में इन दिनों चर्चा का विषय सिर्फ चुनाव ही है। हर कक्ष में बैठे अफसर यह जानने की कोशिश करते रहते हैं कि हवा का रुख किस तरफ जा रहा है। मीडियाकर्मियों से भी अफसरों की चर्चा चुनाव पर ही आकर टिक जाती है। चर्चा पूरी तरह से अनौपचारिक …

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क्या संवेदनशील प्रशासन में हर मौत की कीमत होती है

वाक्या लगभग एक दशक पुराना है। राकेश साहनी राज्य के मुख्य सचिव थे। उनके पुत्र विमान चलाने का प्रशिक्षण ले रहे थे। अचानक एक दोपहर यह खबर आई कि उनका पुत्र जो विमान उड़ा रहा था, उससे संपर्क टूट गया है। आग की तेजी से यह खबर पूरे प्रदेश में …

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कौरवों की सभा में तब्दील होता सरकारी तंत्र

दिनेश गुप्ता आईएएस अधिकारी दीपाली रस्तोगी फिर सुर्खियों में हैं। उनमें साहस भी और कहने की आजादी का उपयोग करना भी वे बेहतर तरीके से जानती हैं। दीपाली रस्तोगी और उनके आईएएस पति मनीष रस्तोगी के बारे में कोई यह नहीं कह सकता कि वे सुविधा भोगी हैं। सरकार में …

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अफसरों के भारत-पाक जैसे रिश्ते

यह एक ऐसा सच है, जिसका अहसास मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को देरी से हुआ है। यह सच अधिकारियों के आपसी रिश्ते का है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तो इन रिश्तों का सिर्फ अलंकरण किया है। भारत-पाक जैसे रिश्ते। रिश्तों के संदर्भ में भारत-पाक कह देने भर से लोग …

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कार्यवाही में कम, बचाने में अधिक दिलचस्पी लेती है सरकार 

मध्यप्रदेश विधानसभा के हाल ही में समाप्त हुए  मानूसन सत्र में आदिम जाति कल्याण  विभाग में एक अधिकारी द्वारा किए गए भ्रष्टाचार से संबंधित सवाल पर जब सरकार घिर गई तो राज्यमंत्री लाल सिंह आर्य ने अपना बचाव यह कह कर किया कि उन्हें विभाग का प्रभार लिए कुछ समय …

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एक बेबस मुख्यमंत्री और बेलगाम नौकरशाही

एक बेबस मुख्यमंत्री और बेलगाम नौकरशाही मध्यप्रदेश में बेलगाम नौकरशाही की चर्चा पहली बार नहीं की जा रही है। राज्य में नौकरशाही चुने हुए प्रतिनिधियों के नियंत

दिनेश गुप्ता : पावर गैलरी- एक बेबस मुख्यमंत्री और बेलगाम नौकरशाही मध्यप्रदेश में बेलगाम नौकरशाही की चर्चा पहली बार नहीं की जा रही है। राज्य में नौकरशाही चुने हुए प्रतिनिधियों के नियंत्रण से बाहर है, इसकी शिकायत हर आम और खास आदमी पिछले तीन साल से लगातार करता आ रहा है। हम …

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बदल रही है भाजपा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीत सरकार का थीम सांग ‘देश बदल रहा है, आगे बढ़ रहा’ कि तर्ज पर भारतीय जनता पार्टी भी अपना चाल, चरित्र और चेहरा बदल रही है। पार्टी को पहचान देने और स्थापित करने वाला राम मंदिर का मुद्दा सैकड़ों मील पीछे छूटा हुआ नजर आ रहा …

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बिना मुस्कान आनंद कैसा!

मध्यप्रदेश सरकार राज्य में आनंद विभाग (हैप्पीनेस डिपार्टमेंट) का गठन करने जा रही है। विभाग के गठन की घोषणा के बाद माननीय मुख्यमंत्री जी ने अपने ब्लॉग पर लिखा कि आज तमाम सुख सुविधाओं के बाद भी लोगों में आनंद नहीं है। इंसान अवसाद, हिंसा, निराशा और आत्महत्या के बवंडर …

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नौकरशाह, शासक नहीं है

देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता शासन चलाने के लिए अपना प्रतिनिधि चुनती है। जनता के प्रति जवाबदेह भी चुना हुआ प्रतिनिधि है। संविधा न में नौकरशाह की भूमिका पूरी तरह से स्पष्ट है। उसे नियम और कानून के मुताबिक आदेशों का क्रियान्वयन करना होता है। नौकरशाह सरकार नहीं है। …

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