धार में नीना का पत्ता कटेगा या रंजना से हाथ जोड़ेगी पार्टी,शेखावत से भी है नाराजगी

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भारतीय जनता पार्टी का राष्टीय संगठन यह जानने की कोशिश कर रहा है कि नीना वर्मा और रंजना बघेल का टिकट काटने पर चुनाव परिणामों पर कोई विपरीत असर तो नहीं पड़ेगा। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मध्यप्रदेश के प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे इन दिनों मालवा-निमाड़ अंचल की नौ सीटों पर कार्यकर्त्ताओं से आमने-सामने चर्चा कर राजनीतिक हालात समझने की कोशिश कर रहे हैं। मंदसौर पुलिस फायरिंग की घटना के बाद से मालवा-निमाड़ अंचल में भारतीय जनता पार्टी को भारी नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस इलाके के नगरीय निकाय के चुनाव परिणाम भी भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ गए थे।

धार जिले में पार्टी की गुटबाजी बनी है मुसीबत – विनय सहस्त्रकुद्धे ने धार जिले के कार्यकर्त्ताओं से वन-अू-वन चर्चा कर यह जानने की कोशिश की कि रंजना बघेल और नीना वर्मा के बीच तनातनी किस बात को लेकर रहती है। रंजना बघेल मनावर से विधायक हैं और नीना वर्मा धार से चुनी गईं थीं। नीना वर्मा भाजपा के वरिष्ठ नेता विक्रम वर्मा की पत्नी हैं। रंजना बघेल शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल में 2013 से पहले तक मंत्री हुआ करतीं थीं। 2013 के बाद नीना वर्मा और रंजना बघेल में से किसी को मंत्री बनाने के लिए चयन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को करना था। मुख्यमंत्री ने पांच साल तक दोनों को ही मौका नहीं दिया।

नीना वर्मा सिर्फ ग्यारह हजार से अधिक वोटों से चुनाव जीतीं थीं। जबकि रंजना बघेल सोलह सौ से अधिक वोटों से चुनाव जीतीं थीं। पार्टी जिले में गुटबाजी पर काबू करने के लिए विवादास्पद विधायकों का टिकट काटने की तैयारी कर रही है। जिले की दोनों महिला नेत्रियां इस दायरे में आ रहीं हैं। दोनों महिला नेत्रियों के बीच की तनातनी मंत्रिमंडल में जगह पाने को लेकर ही रहती है। धार जिले में विधानसभा की कुल सात सीटें हैं। सरदारपुर में भाजपा मात्र 529 वोटों से चुनाव जीत पाई थी। विनय सहस्त्रबुद्धे से पार्टी कार्यकर्त्ताओं ने जिला भाजपा अध्यक्ष डा.राज बर्फा के रवैये को लेकर शिकायत भी की।

कार्यकर्त्ताओं का कहना था कि नगरीय निकाय के चुनाव में उम्मीदवारों का नाम तय करने से पहले डा. बर्फा ने पार्टी के किसी भी स्थानीय नेताओं को भरोसे में नहीं लिया। इसके कारण चुनाव परिणाम कांग्रेस के पक्ष में गए। सहस्त्रबुद्धे ने पूर्व सांसद छतर सिंह दरबार को चर्चा में उनसे मनावर से विधानसभा चुनाव लड़ने के बारे में भी पूछा। बदनाबर के भाजपा कार्यकर्त्ताओं ने स्थानीय उम्मीदवार को टिकट देने की मांग भी सहस्त्रबुद्धे के सामने रखी। बदनावर से भंवर सिंह शेखावत विधायक हैं। उनका घर इंदौर में है। शेखावत ने पिछला चुनाव 9812 वोटों से जीता था। जिले की पांच सीटें अभी भाजपा के पास हैं। धरमपुरी की सीट भाजपा ने 7573 वोटों से जीती थी।

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