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बेचैन प्रधानमंत्री ने लाल किले से बताया कि चार साल में देश कैसे बदला

स्वतंत्रता दिवस की 72 वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चार साल की अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड लाल किले की प्राचीर जनता के सामने रखा। मोदी ने कहा कि चार साल में देश बदलाव महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि आकाश वही है पृथ्वी वही है, लोग, दफ्तर सब कुछ पहले जैसा है लेकिन अब देश बदल रहा है। प्रधानमंत्री ने अपनी बेचैनी को उजागर करते हुए कहा कि मैं बेचैन हूं, देश को आगे ले जाने के लिये, बच्चों को कुपोषण से मुक्त बनाने के लिये । मैं व्यग्र हूं ताकि देश के लोगों को जीवन जीने की सुविधा मिल सके।

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the Nation on the occasion of 72nd Independence Day, in Delhi on August 15, 2018.(PIB)

मोदी का प्रधानमंत्री के तौर पर मौजूदा कार्यकाल का लाल किले से अंतिम भाषण था। अगले साल मई तक देश में लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।नई संसद के गठन के साथ ही नए प्रधानमंत्री का भाषण लाल किले से होगा।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले के इस भाषण को सिर्फ बदलाव पर केन्द्रित रखा। उन्होंने वर्ष 2013 तक के विकास की तुलना अपने चार साल के कार्यकाल में आए बदलाव से की।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 72वे स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से राष्ट्र को सम्बोधित करते हुए.(PIB)

भाई-भतीजा नहीं,सबका विकास

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस विशाल देश की अपेक्षाएं बहुत हैं और आवश्यकताएं भी बहुत हैं। इन्हें निरंतर प्रयास के जरिए ही पूरा किया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने उनकी सरकार का मूल मंत्र सबका साथ और सबका विकास है। इसी मूल मंत्र पर आगे बढ़ते हुए हर भारतीय को घर और कौशल विकास देने का काम सरकार ने किया है। इसमें तेरा-मेरा,अपना-पराया और भाई-भतीजावाद जैसा भाव नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि वर्षों से किसानों को उनकी फसल की लागत का डेढ़ गुना एमएसपी देने की मांग थी जिसे हमने पूरा किया। उन्होंने कहा कि गरीबों को न्याय मिले, जन जन को आगे बढ़ने का मौका मिले, मध्यम वर्ग को आगे बढ़ने में कोई समस्या न आये, यह हमारा प्रयास है ।

प्रधानमंत्री ने सरकार की नीयत में आए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2013 तक रेड टेप था और अब रेड कारपेट बिछा हुआ है। मोदी ने कहा कि कभी भारत की गिनती कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में होती थी लेकिन आज देश अरबों डालर के निवेश का बेहतर गंतव्य बन गया है। उन्होंने कहा कि कारोबार की सुगमता में आज हम अच्छी रैंकिंग पर पहुंचे हैं, हर कोइ भारत की रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म नीति की तारीफ कर रहा है। उन्होंने जीएसटी का जिक्र करते हुए कहा कि शुरू में कठिनाइयों के बावजूद देश ने जीएसटी को अपनाया और व्यापारियों का भरोसा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि जब हौसले बुलंद होते हैं, देश के लिए कुछ करने का इरादा होता है तो बेनामी संपत्ति का कानून भी लागू होता है। श्री मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत को उम्मीद भरी नज़रों से देख रही है।

The Prime Minister, Shri Narendra Modi interacting with the school children after addressing the Nation on the occasion of 72nd Independence Day from the ramparts of Red Fort, in Delhi on August 15, 2018.(PIB)

प्रधानमंत्री ने कहा कि नयी ऊर्जा और परिश्रम की पराकाष्ठा के साथ देश नयी ऊंचाईयां हासिल कर रहा है। हम कड़े फैसले लेने की सामर्थ्य रखते हैं क्योंकि हमारे लिये देश हित सर्वोपरि है, दलहित हमारे लिये मायने नहीं रखता है। संसद के हाल ही में समाप्त हुए मानसून सत्र की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि सत्र पूरी तरह से सामाजिक न्याय को समर्पित था, जहां दलित, शोषित, पीड़ित वंचित वर्गों के हितों पर संवेदनशीलता का परिचय दिया गया और ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने संबंधी विधेयक पारित हुआ । प्रधानमंत्री ने सरकार की मंशा जाहिर करते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि दुनिया में भारत की न केवल अपनी साख हो बल्कि उसकी धमक भी हो।

सोया हुआ हाथी अब जाग चुका है

प्रधानमंत्री ने सरकार की नीतियों और नीयत से आए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाले तीन दशक तक भारत विश्व को गति देगा, ऐसी स्थितियां बन गईं हैं। इन स्थितियों के कारण दुनिया की अगुआई करने वाले कह रहे हैं कि सोया हाथी अब जाग चुका है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक वह अनुभव कर रहे हैं कि सवा सौ करोड़ देशवासी सिर्फ सरकार बनाकर रुके नहीं, बल्कि वे देश बनाने में जुटे हैं। बदलाव का ही नतीजा है कि दुनिया के नेतृत्वकर्ता भारत के लिये कह रहे हैं कि सोया हुआ हाथी अब जाग चुका है, आने वाले तीन दशक तक भारत विश्व को गति देगा। ऐसा विश्वास आज भारत के लिये पैदा हुआ है।

पूर्वोत्तर के लिए अब दिल्ली दूर नहीं

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में पूर्वोत्तर राज्यों मे आए बदलाव को भी रेखांकित किया, उन्होंने कहा कि एक समय था जब पूर्वोत्तर को लगता था कि दिल्ली बहुत दूर है लेकिन हमने दिल्ली को पूर्वोत्तर के दरवाजे पर खड़़ा कर दिया है। पूर्वोत्तर में आज हाईवेज़ से लेकर ई.वेज़ तक की चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की उपलब्धि पर प्रधानमंत्री ने देश को बताया कि योजना के तहत 13 करोड़ लोगों और उद्यमियों को कर्ज दिये गये जिनमें से चार करोड़ नौजवनों ने पहली बार कर्ज लिया और स्वरोजगार को बढ़ाया ।

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