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दैनिक भास्कर से अलग कैसे है एवीपी न्यूज का मध्यप्रदेश का चुनावी सर्वे

देश का सबसे बड़ा अखबार होने के दावा करने वाले दैनिक भास्कर ने पिछले सप्ताह मध्यप्रदेश को लेकर अपना चुनावी सर्वे प्रकाशित किया था। दैनिक भास्कर के इस सर्वे में सीधे-सीधे तौर पर राज्य में भाजपा की सरकार चौथी बार बनने का दावा तो नहीं किया गया था लेकिन, सर्वेक्षण में विभिन्न सवालों पर लोगों की जो राय प्रकाशित की गई उसके अनुसार कांग्रेस का सत्ता से पंद्रह साल का वनवास इस बार भी खत्म होने वाला नहीं है। जबकि एवीपी न्यूज द्वारा 13 अगस्त को जारी किए गए सर्वे में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि राज्य में कांग्रेस बहुमत के साथ सरकार बना रही है।

भाजपा का दो सौ पार का नारा काम नहीं कर रहा है। एवीपी न्यूज के सर्वे के मुताबिक राज्य में कांग्रेस को 117 सीटें मिलने की संभावना प्रकट की गई है। सर्वे में भाजपा को 106 सीटें दी गईं हैं। अन्य खाते में कुल सात सीटें दी गईं हैं। कांग्रेस को मिलने वाले वोट का प्रतिशत 42 बताया गया है। जबकि भाजपा को 40 प्रतिशत वोट दिए गए हैं। अन्य के दलों को 18 प्रतिशत वोट दिए गए हैं।

दोनों ही सर्वे बता रहे हैं सिंधिया से ज्यादा लोकप्रिय हैं शिवराज

दैनिक भास्कर का चुनावी सर्वे दो लाख उन्नीस हजार आठ सौ पैंतीस लोगों की राय पर आधारित है। जबकि एवीपी न्यूज का सर्वे सत्ताइस हजार 968 लोगों की राय पर आधारित है। सर्वे में शामिल लोगों में राजस्थान और छत्तीसगढ़ के लोग भी हैं। तीनों राज्यों की सभी 65 लोकसभा सीटों पर यह सर्वे किया गया। दैनिक भास्कर का सर्वे केवल मध्यप्रदेश के लोगों की राय पर आधारित है। दोनों ही चुनावी सर्वे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का चेहरा सर्वाधिक लोकप्रिय चेहरा बताया गया है।

एवीपी न्यूज के सर्वे में 42 प्रतिशत लोगों ने शिवराज सिंह चौहान के चेहरे को पसंद किया है। जबकि सिंधिया को 30 प्रतिशत लोगों ने मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर पहली पसंद बताया है। लोकप्रियता में शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच बारह प्रतिशत का बड़ा अंतर एवीपी न्यूज ने बताया है। दैनिक भास्कर के सर्वे में 51 प्रतिशत लोगों ने शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री के तौर पर पसंद किया है। जबकि सिंधिया के पक्ष में 34 प्रतिशत लोगों ने राय दी है।

यहां भी शिवराज सिंह चौहान और सिंधिया के बीच लोकप्रियता का अंतर 17 प्रतिशत है। दोनों ही सर्वे में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ लोकप्रियता में लगातार पिछड़ रहे हैं। दैनिक भास्कर के सर्वे में नौ प्रतिशत तथा एवीपी न्यूज के सर्वे में सात प्रतिशत लोगों ने ही कमलनाथ को मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर अपनी पसंद बताया।

दोनों ही सर्वे के नतीजों में कांग्रेस को मिल रहे हैं 42 प्रतिशत वोट

दैनिक भास्कर और एवीपी न्यूज दोनों ने ही अपने सर्वेक्षण के आधार पर भाजपा और कांग्रेस को मिलने वाले वोटों का भी आकलन किया है। एवीपी न्यूज द्वारा कराए गए सर्वे के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी को चालीस प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है। जबकि कांग्रेस को 42 प्रतिशत वोटों के साथ 117 सीटें दी गईं हैं। दैनिक भास्कर के चुनावी सर्वे में भारतीय जनता पार्टी को 58 प्रतिशत वोट दिए गए हैं। जबकि कांग्रेस को 42 प्रतिशत वोट दिए गए हैं। दैनिक भास्कर और एवीपी न्यूज दोनों के ही सर्वेक्षण में कांग्रेस को मिले वोटों का प्रतिशत समान है।

दैनिक भास्कर के चुनावी सर्वे में अन्य दलों की स्थिति को लेकर कोई आकलन नहीं किया गया है। सर्वे केवल भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पर ही केन्द्रित रखा गया। जबकि राज्य में बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के अलावा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी जैसे छोटे-छोटे दलों को भी वोट मिलते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में अन्य दलों को लगभग तेरह प्रतिशत वोट मिले थे। बसपा ने चार सीटें जीती थीं। जबकि भाजपा को 165 सीटें मिलीं थीं। कांग्रेस को कुल 58 सीटें मिलीं थीं। भाजपा को पिछले चुनाव में 45 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिले थे। जबकि कांग्रेस को छत्तीस प्रतिशत से अधिक वोट मिले थे।

एवीपी और दैनिक भास्कर के चुनाव पूर्व सर्वेक्षण पर यकीन किया जाए तो कांग्रेस को मिलने वाले वोटों में छह प्रतिशत का उछाल आ रहा है। एवीपी के सर्वे में भाजपा को मिलने वाले वोटों में पांच प्रतिशत से अधिक की गिरावट बताई गई है। जबकि दैनिक भास्कर के सर्वे में लगभग तेरह प्रतिशत का उछाल दिखाया गया है। राज्य के जमीनी राजनीतिक हालातों में अन्य दलों को पूरी तरह नकार कर किसी नतीजे पर पहुंचना सही नहीं माना जा सकता है।

नरेन्द्र मोदी का नाम लेना शिवराज सिंह चौहान की मजबूरी है

एवीपी न्यूज के सर्वे के केन्द्र में तीन राज्यों के लोकसभा के चुनाव हैं। जबकि दैनिक भास्कर का सर्वे पूरी तरह से मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव पर केन्द्रित है। दैनिक भास्कर के सर्वे में सबसे आकंडा चेहरा देखकर वोट करने के बारे में हैं। दैनिक भास्कर के सर्वे में चेहरा देखकर वोट करने के मामले में शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्या सिंधिया बराबरी पर खड़े हुए हैं। सर्वे में भाग लेने वाले 29 प्रतिशत लोगों ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान के चेहरे पर वोट करेंगे। 29 प्रतिशत लोगों ने ही कहा कि वोट सिंधिया के चेहरे पर करेंगे। इन आकंड़ों का सीधा अर्थ यह है कि कांग्रेस यदि सिंधिया को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाती है तो भाजपा की मुश्किल बढ़ सकती है।

इन दोनों चेहरों पर भारी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का चेहरा है। 32 प्रतिशत लोगों ने दैनिक भास्कर के सर्वे में मोदी के चेहरे पर वोट देने की राय प्रकट की है। वहीं एवीपी न्यूज के सर्वे में मध्यप्रदेश में 54 प्रतिशत लोगों ने नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री के तौर पर अपनी पसंद बताया है। लोकसभा में कांग्रेस का वोट प्रतिशत घटकर 39 रह जाने का आकंडा दिया गया है। जबकि मोदी के नाम पर भाजपा के वोट प्रतिशत में छह प्रतिशत की वृद्धि होना बताया गया है। पिछले लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को चौपन प्रतिशत अधिक वोट मिले थे। जबकि कांग्रेस को चौंतीस प्रतिशत से अधिक वोट मिले थे। एवीपी न्यूज के सर्वे के मुताबिक कांग्रेस को 2019 के लोकसभा चुनाव में पिछली बार से से तीन प्रतिशत वोट ज्यादा मिलेंगे।

सर्वे कहता है कि वोट प्रतिशत सीटों की संख्या में भी बदलाव करेगा। मोदी की लोकप्रियता के कारण इस बार चुनाव में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी उनके नाम का सहारा लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैनर-पोस्टर और प्रचार साम्रगी में मोदी का फोटो भी नहीं लगाया था। तर्क यह दिया गया था कि मोदी के नाम पर प्रदेश में भाजपा को वोट नहीं मिलेंगे।

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