मंदसौर में सिंधिया की रैली की तुलना हो रही है शिवराज सिंह चौहान की रैली से

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पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की मंदसौर में इंट्री धमाकेदार रही। मंदसौर वह जगह है जहां डेढ़ साल पहले जय किसान पुलिस की गोली से मारे गए थे। मंदसौर की घटना के बाद शिवराज सिंह चौहान की सरकार पर किसान विरोधी होने के आरोप लगातार लग रहे है। इस आरोप से बचने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कई नई योजनाएं किसानों के लिए लागू की हैं। इनमें भावंतर योजना प्रमुख है।

इसके अलावा ब्याज पर बोनस भी दिया गया है। मंदसौर गोलीकांड की पहली बरसी पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने वहां आयोजित कार्यक्रम में हिस्सेदारी ली थी। उन्होंने राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने पर किसानों के पूरे कर्जे माफ करना का वादा भी किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 5 अगस्त को अपनी जनआशीर्वाद यात्रा के तहत मंदसौर गए थे। रात 2:30 बजे उन्होंने आम सभा कर यह बताने की कोशिश की जनता खास तौर पर किसान उनके कामकाज से खुश है भीड़ देर रात तक वहां मुख्यमंत्री का इंतजार कर रही थी। भारतीय जनता पार्टी ने यह दावा किया कि मंदसौर में मुख्यमंत्री को आशीर्वाद देने जनता अपने आप घरों से निकल कर आई है।

इसके जवाब में कांग्रेस चुनाव प्रचार अभियान समिति के प्रमुख ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 10 अगस्त को नीमच मंदसौर में जनसभा की और रोड शो किया। सिंधिया की देर रात हुई इस सभा में भी जन सैलाब उमड़ा हुआ था। सिंधिया ट्रैक्टर चलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार करते रहे। सिंधिया की सभा को देख कर मंदसौर के लोग यह कहने लगे हैं कि सिंधिया की रैली ,मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की रैली पर भारी रही है। सिंधिया ने कहा कि उनकी सभा में भीड़ सरकारी तंत्र द्वारा प्रायोजित नहीं है। जनता परिवर्तन का मन बना चुकी है। यह भीड़ परिवर्तन का संकेत देने के लिए आई है।

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