भोपाल में मूकबधिर बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में छात्रावास संचालक गिरफ्तार

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के हॉस्टल संचालक अश्विनी शर्मा पर एक मूक बधिर आदिवासी युवती के साथ दुष्कर्म के मामले में भोपाल पुलिस ने एक विशेष जाँच दल गठित किया है। आरोप हॉस्टल की ही एक छात्रा ने लगाया है। इस मामले के बाद मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को अपने निवास स्थल पर उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश में आश्रय स्थलों का हर महीने निरीक्षण करने के निर्देश दिये हैं। पुलिस के अनुसार मूक बधिर लड़की पिछले 3 साल से भोपाल के अवधपुरी इलाके के एक हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। इसी बीच हॉस्टल संचालक अश्वनी शर्मा ने लड़की के साथ कई बार रेप की वारदात को अंजाम दिया है।

भोपाल साउथ एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने बताया कि मूकबधिर होने के कारण छात्रा किसी को अपनी पीड़ा नहीं समझा पा रही थी, जिसके बाद साइन लैंग्वेज के एक्सपर्ट को बुलाया गया, जिससे पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद धार में मामला शून्य पर दर्ज करने के बाद मामला भोपाल ट्रांसफर किया गया। इस बीच कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस छात्रावास को शासन से अनुदान प्राप्त होता था। इसके साथ ही कांग्रेस ने प्रदेश के सभी छात्रावासों का सोशल ऑडिट कराने की मांग की है।

भोपाल एसपी साउथ राहुल कुमार लोढ़ा कि परिजनों और पीड़िता की शिकायत पर भोपाल पुलिस ने आरोपी अश्विनी शर्मा को धारा 154/18, 376,376एन, 354, 344, 506 और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। इसके अलावा एसपी का कहना है कि मामले में हॉस्टल में रह चुकी और भी लड़कियों से पुलिस बातचीत कर ये पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या आरोपी ने किसी और छात्रा के साथ भी इस तरह की घटना को अंजाम दिया है या नहीं। पुलिस के मुताबिक हॉस्टल में 20 के करीब लड़कियां रहती थीं, लेकिन वो लंबे अरसे पहले होस्टल खाली कर के जा चुकी थीं। फिलहाल सिर्फ 1 ही लड़की ने रेप का आरोप लगाया है। एसपी राहुल कुमार लोढ़ा के मुताबिक पुलिस उन सभी लड़कियों से पूछताछ करेगी जो यहां रहती थीं।

मूकबधिर मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का बयान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार यह सोचकर अनुदान देती हैं कि संस्था अच्छा काम कर रही है लेकिन यहां तो कौन वहसी कहा बैठा हो नहीं पता । ऐसी घटनाओं से मन व्यथित हो जाता है। आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिले इसके दिए निर्देश दिए गए है। वही अनाथालय नियमित मॉनिटरिंग के लिए भी निर्देश दिए गए है। सीएम ने कहा कि लड़कियों के होस्टलों का हर महीने निरीक्षण किया जाएगा। अब केवल संस्था के भरोसे अनाथालय नहीं चलेंगे ।प्रायवेट हॉस्टल के लिए भी नियम बनाए जाएंगें। इस घटना में अपराधी को कड़ी सजा मिले उसकी कार्रवाई कर रहे हैं।

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