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अखिलेश-माया सरकार में हुई शिक्षक भर्तियों में मिली गड़बड़ी, 69 हजार आवेदन किये गये रद्द – Puri Dunia

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के शासनकाल में हुईं शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी का मामला सामने आया है. माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड की जांच में इसका खुलासा हुआ है. इसमें पता चला है कि 2011, 2013 और 2016 में स्नातक शिक्षकों और प्रवक्ता पदों पर ऐसे विषयों के शिक्षकों की भर्तियां की गईं जो विषय पाठ्यक्रम में थे ही नहीं. इस खुलासे के बाद ही बोर्ड ने तत्काल कार्रवाई करते हुए करीब 69 हजार आवेदन को रद्द कर दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार, 2011 में मायावती सरकार और 2013 व 2016 में अखिलेश सरकार ने ऐसे विषयों पर आवेदन मांगे, जहां वह विषय पढ़ाए ही नहीं जाते हैं. कई कॉलेज ऐसे भी हैं, जहां जीव विज्ञान के शिक्षक के रूप में 150 से भी ज्यादा शिक्षकों  की भर्ती कर दी गई और उन्होंने कॉलेज ज्वॉइन भी कर लिया, लेकिन हैरानी की बात ये है कि वहां जीव विज्ञान पढ़ाया ही नहीं जाता है. यही स्थिति वनस्पति विज्ञान के शिक्षकों की भर्ती में भी देखी गई.

इस खुलासे के बाद चयन बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल व उपसचिव नवल किशोर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 2016 के आठ विषयों के विज्ञापन को निरस्त कर दिया है। इनमें टीजीटी के छह विषयों के 318 पद और पीजीटी के दो विषय शामिल हैं। इन 320 पदों के लिए 69 हजार 297 लोगों ने आवेदन किया था।

निरस्त किए गए विषयों में जीव विज्ञान, संगीत, टंकण, पुस्तक कला, काष्ठ शिल्प, और आशु टंकण शामिल हैं. यानी इन विषयों के शिक्षकों की भर्ता के लिए 2016 मे दिए गए विज्ञापन और आवेदन अब अमान्य होंगे.

हालांकि, बोर्ड ने निरस्त हो चुके विषयों में आवेदन कर चुके लोगों को अपनी योग्यता के अनुसार अन्य विषयों के पदों पर नि:शुल्क आवेदन का विकल्प दिया है। वहीं अन्य लोगों से आवेदन के समय लिया गया पैसा वापस कर दिया जाएगा।



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