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ताजमहल पर फिर चढ़ा सियासी रंग, अब की गई ‘राम महल’ नाम की मांग

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लखनऊ। यूपी की एक ऐसी इमारत जिसका नाम देश में ही नहीं दुनिया में बड़े ही सम्मान के साथ लिया जा ता है। ऐसी ऐतिहासिक और प्रेम का प्रतीक मानी जाने वाली इमारत ताज महल पर फिर बवाल बढता दिखाई दे रहा है। दरअसल भाजपा के एक विधायक द्वारा की गई टिप्पणी में इसके नाम को बदलने की बात कही गई। भाजपा विधायक ने कहा कि ताजमहल का नाम बदल कर ‘राम महल’ या ‘कृष्ण महल’ कर देना चाहिए।

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ताज महल पर फिर बवाल

इससे पहले भी इस ऐतिहासिक इमारत को लेकर विवाद हुआ था। जिसमें सरकार द्वारा जारी की गई पर्यटन स्थलों की बुकलेट में ताजमहल का नाम गायब कर दिया गया था। जबकि विदेशी पर्यटक खासतौर से इस इमारत को सामने से देखने के लिए भारत आते हैं।

बता दें पिछले साल वर्ल्ड टूरिज्म डे के मौके पर जब योगी सरकार ने राज्य के पर्यटन स्थलों की बुकलेट जारी की थी तब उस बुकलेट में ताजमहल को शुमार नहीं किया गया था।

खबरों के मुताबिक़ भाजपा के विधायक सुरेंद्र सिंह ने यह विवादित टिप्पणी की। इस टिप्पणी के बाद विरोध के सुर बुलंद होने लगे।

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बता दें यह पहला मौका नहीं है जब भाजपा के विधायक सुरेंद्र सिंह ने विवादित बयान दिया हो। इससे पहले चर्चित उन्नाव गैंगरेप केस में सुरेंद्र सिंह आरोपी भाजपा के पक्ष में बयान देकर चर्चे में आए थे और फिर एक के बाद एक कई बार वो अपने विभिन्न विवादित बयानों से सुर्खियों में रहे।

वही पर्यटन स्थलों की बुकलेट से ताजमहल का नाम गायब होने के मामले में भी काफी विवाद पैदा हो गया था। विवाद होने के बाद योगी सरकार ने एक बयान जारी कर कहा था कि 370 करोड़ रुपये की पर्यटन परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिसमें 156 करोड़ रुपए की परियोजनाएं आगरा और ताजमहल के आसपास के सौंदर्यीकरण के लिए है।

भाजपा के एक और विधायक संगीत सोम ने इस विवाद के बीच भारत की ऐतिहासिक धरोहर ताजमहल पर सवालिया निशाना उठाते हुए कहा था कि इतिहास दोबारा लिखा जाएगा और इसमें से मुगल बादशाहो का नाम हटा दिया जाएगा।

इसके बाद उसी साल सीएम आदित्यनाथ जब एक दिन के दौरे पर आगरा पहुंचे तो ताजमहल के पश्चिमी गेट पर वो झाड़ू लगाते नजर आए। योगी ताजमहल के अंदर भी गए थे और शाहजहां-मुमताज की कब्रे भी देखी थी।

इन तमाम विवादों के बीच यूपी सरकार ने साल 2018 का कैलेंडर जारी कर दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताजमहल को लेकर छिड़े विवादों को खत्म करने की कोशिश की और इस कैलेंडर में टूरिस्ट प्लेस के रुप में ताजमहल को प्रमुखता से जगह दी गई। इतना ही नहीं पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की तस्वीर भी इस कैलेंडर में नजर आई थीं।



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