दहशत का सोमवार : रैनसमवेयर के हमले से डरी दुनिया

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दहशत का सोमवार: रैनसमवेयर के हमले से डरी दुनिया पूरी दुनिया में सोमवार का दिन दहशत भरा शुरू हुआ है। नए तरह के वायरस के जरिए दुनिया के डेढ़ सौ
दहशत का सोमवार: रैनसमवेयर के हमले से डरी दुनिया पूरी दुनिया में सोमवार का दिन दहशत भरा शुरू हुआ है। नए तरह के वायरस के जरिए दुनिया के डेढ़ सौ

दहशत का सोमवार: रैनसमवेयर के हमले से डरी दुनिया

पूरी दुनिया में सोमवार का दिन दहशत भरा शुरू हुआ है। नए तरह के वायरस के जरिए दुनिया के डेढ़ सौ से अधिक देशों के पास इस सायबर हमले से निपटने की कोई तैयारी नहीं है। बैंक, अस्पताल संभावित हमले को लेकर चिंता में डूबे हुए हैं। भारत सरकार ने इस हमले से बचने के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की है। साइबर हमले के सरगना फिरौती वसूल रहे हैं।

 

जापान में 600 स्थानों पर हमला

सोमवार को रैनसमवेयर हमले का शिकार जापान बना है। इसने 600 स्थानों के सैकडा़ें कम्प्यूटर को अपनी चपेट में ले लिया है। कंप्यूटर हमलों से निपटने के लिए सहयोग करने वाली गैर सरकारी संस्था द जापान कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम कॉर्डिनेशन सेंटर ने कहा कि अब तक जापान में 600 स्थानों पर 2000 कंप्यूटरों के प्रभावित होने की सूचना है। यह हमला इंटरनेट की दुनिया में सबसे बडी फिरौती की योजना हो सकता है।
माइक्रोसॉफ्ट की कमजोरियों से हो रहा हमला
साइबर हमला शुक्रवार को शुरू हुआ था। इसने बैंकों से ले कर अस्पताल तक और निजी कंपनियों से ले कर सरकारी एजेंसियों तक सबको धडाधड अपना निशाना बनाया। इसने माइक्रोसॉफ्ट की पुरानी ऑपरेटिंग सिस्टम की कमजोरियों को फायदा उठाया। अब तक अमेरिकी कूरियर कंपनी फेडएक्स, यूरापीय कार कंपनियां, स्पेनी दूरसंचार दिग्गज टेलीफोनिका, ब्रिटेन की स्वास्थ्यसेवा और जर्मनी का ड्योश रेल नेटवर्क इस साइबर हमले का शिकार हो चुकी हैं।

 

यूरोपोल के अनुसार हमला अभूतपूर्व

यूरापीय संघ की पुलिस एजेंसी ह्ययूरोपोलह्ण के कार्यकारी निदेशक रॉब वेनराइट ने आशंका प्रकट की है कि सोमवार को जब लोग काम पर अपने दफ्तर आएंगे और अपने अपने कंप्यूटरों पर लॉग-इन करेंगे तो हालात और बिगड सकते हैं। उन्होंने एक साक्षात्कार में हमले के दायरे को ह्यअभूतपूर्वह्ण करार देते हुए कहा, ह्यह्यहमने इस तरह की कोई चीज पहले कभी नहीं सुनी थी।ह्णह्णसंभावित साइबर हमले की आशंका में आटोमोबाइल निर्माता कंपनी रेनो की उत्तर फ्रांस के दोउआइ में स्थित फैक्टरी सोमवार को बंद रखी गई है।

 

ऐसे पता चलेगा हमला हुआ

हमले के पीडित के कंप्यूटर स्क्रीन पर तस्वीरें आ जाती हैं जिनमें एक संदेश होता है, ह्यह्यउफ्फ, आपकी फाइलें ह्यइनक्रिप्टह्ण कर दी गई हैं।ह्णह्ण पीडितों से ह्यबिटक्वाइनह्ण में 300 डालर की फिरौती मांगी जाती है। संदेश यह भी होता है कि रकम तीन दिन के अंदर चुका दे वरना फिरौती की राशि दुगुनी कर दी जाएगी। फिरौती नहीं देने पर लॉक की गई फाइलें ह्यडिलीटह्ण कर दी जाएंगी। बिटक्वाइन दुनिया की सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली आभासी मुद्रा है। इसका लेन देन बेनाम तरीके से अत्याधिक इनक्र्रप्टिेड कोड से किया जा सकता है और किसी को इसकी भनक भी नहीं लगती ।

 

बीस लाख का लेनदेन

यह जानकारी भी सामने आई है कि रैनसमवेयर ने जिन बिटक्वाइन पतों का इस्तेमाल किया है उनके मार्फत बस 32 हजार डालर या साढे 20 लाख रूपये का लेनदेन हुआ है। अपराधियों ने जिन डिजिटल कोड का उपयोग किया है, माना जाता है कि उसे अमेरिका की नेशनल सिक्यूरिटी एजेंसी ने विकसित किया था। इसे बाद में डाक्यूमेंट डंप के रूप में लीक कर दिया था।

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