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''आप'' में बगावत खतरे में ''आप'' की साख, दिल्ली के एमसीडी चुनाव में करारी हार झेलने के बाद आम आदमी पार्टी
''आप'' में बगावत खतरे में ''आप'' की साख, दिल्ली के एमसीडी चुनाव में करारी हार झेलने के बाद आम आदमी पार्टी

”आप” में बगावत, खतरे में ”आप” की साख

दिल्ली के एमसीडी चुनाव में करारी हार झेलने के बाद आम आदमी पार्टी में जबरदस्त उठा- पठक का दौर जारी है।
 एमसीडी में महज 48 सीटों पर ही सफलता पाने के बाद हार की जिम्मेदारी लेते हुए आम आदमी पार्टी के दिल्ली के प्रदेश संयोजक दिलीप पांडे ने इस्तीफा दे दिया है।
भाजपा की जीत के बाद आम आदमी पार्टी में फूट के आसार दिखाई दे रहे है आप पार्टी के कई नेता आप से बगावत पर उतारू है कई कार्याकर्ता तो आप पार्टी को छोड़ कर भाजपा में शामिल हो रहे हैं।
भाजपा पार्टी को तीन नगर निगमों (नॉर्थ, साउथ और ईस्ट एमसीडी) के 270 वार्ड में दो-तिहाई बहुमत के साथ 184 सीट मिलीं। बीजेपी ने पहली बार सभी नए कैंडिडेट्स को चुनाव मैदान में उतारा था। 2015 के असेंबली इलेक्शन में रिकॉर्ड जीत के साथ सरकार में आई ”आप”  दूसरे नंबर पर रही। नतीजों पर नरेंद्र मोदी ने कहा, “बीजेपी पर भरोसा जताने के लिए दिल्ली की जनता का आभारी हूं। बीजेपी के कार्यकर्ता की कड़ी मेहनत की तारीफ करता हूं, जिन्होंने एमसीडी में जीत को संभव बनाया।” उधर, अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर बीजेपी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार एमसीडी में मिलकर काम करेगी।
पार्टी तीनों एमसीडी  में कितनी सीट मिलीं
बीजेपी – 184
कांग्रेस 30
आप 45 
अन्य s 11
 

किसे कितना नफा-नुकसान?

नॉर्थ MCD

103 वार्ड, 53 पर बहुमत
बीजेपी – 65
कांग्रेस – 15
आप – 20
अन्य – 03
 

 साउथ MCD

 
104 वार्ड, 53 पर बहुमत
बीजेपी – 71
कांग्रेस – 12
आप – 15 
अन्य 06
 
 
3) ईस्ट MCD
63 वार्ड, 33 पर बहुमत
 
बीजेपी – 48
कांग्रेस – 03
आप – 10 
अन्य 02
 

नतीजों के बाद ऐसे रहा राजनीतिक घटनाक्रम

माकन का इस्तीफा

 
दिल्ली कांग्रेस के प्रेसिडेंट अजय माकन ने एमसीडी इलेक्शन में कांग्रेस की हार की जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि एक साल तक वे कांग्रेस के आम वर्कर की तरह काम करेंगे। माकन ने कहा- इलेक्शन कमीशन को ईवीएम की जांच करनी चाहिए। हमें इलेक्शन कमीशन पर भरोसा है,  ईवीएम पर नहीं।
 

आम आदमी पार्टी में फूट?

 
दिल्ली के मंत्री गोपाल राय ने कहा- ”भाजपा को मोदी लहर नहीं, ईवीएम लहर से जीत मिली है। ये यूपी, उत्तराखंड वाली ही लहर है। अगर लोकतंत्र ईवीएम से तय होने लगेगा तो ये आजादी के लिए बड़ा खतरा है। हर नागरिक को सोचना होगा कि देश को ईवीएम लहर से कैसे बचाया जाए। बीजेपी लोकतंत्र को खत्म कर ईवीएम के रूप में तानाशाही लाना चाहती है।”
हालांकि, आप सांसद भगवंत मान ने हार का ठीकरा पार्टी लीडरशिप पर फोड़ा। एक इंटरव्यू में मान ने कहा, ”हार के लिए ईवीएम नहीं, पार्टी की स्ट्रैटजी जिम्मेदार है। हम सबको अपने अंदर झांकना चाहिए।”

अलका लांबा

 
आप विधायक अलका लांबा ने अपने विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले तीनों वार्ड में पार्टी की हार के बाद कहा, ”मैं हार की जिम्मेदारी लेते हुए विधायकी और पार्टी के सभी पदों से इस्तीफे की पेशकश करती हूं।”
 

 मोदी को क्रेडिट

कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह ने कहा, “देश में नरेंद्र मोदी की स्वीकृति बढ़ी है। दिल्ली में जीत इसकी पुष्टि करती है। दिल्ली की जनता ने स्पष्ट कर दिया है कि नकारात्मक और बहानेबाजी की राजनीति नहीं चलेगी।

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