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रोजा इफ्तार के बहाने विपक्षी दलों को न्योता, मोदी के खिलाफ महागठबंधन का ट्रायल

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पार्टी की कमान संभालने के बाद अब 2019 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी को मात देने के लिए सभी विपक्षी दलों को आपस में एकजुट करने के लिए साम दाम दंड भेद सभी तरह से जुटे हुए है। रोजा इफ्तार के बहाने राहुल की ओर से पहली बार विपक्ष के सभी प्रमुख नेताओं को न्योता दिया गया है। जबकि इससे पहले यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से निमंत्रण दिया जाता रहा है। अब गौर करने वाली बात ये है कि राहुल के बुलाने पर विपक्ष के कौन-कौन नेता एकजुट होते हैं? इस पर सभी की नजर है।

कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर राहुल गांधी ने पहली बार रोजा इफ्तार के बहाने विपक्षी दलों को न्योता दिया है। राहुल के लिए विपक्ष को एकजुट करना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। वो भी ऐसे समय में जब विपक्ष के कई नेता हैं जो 2019 में विपक्ष का चेहरा बनने की कोशिश में है। यूपी में सपा, बसपा और आरएलडी एकजुट हो रहे हैं। जबकि टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने बीजेपी से मुकाबला करने के लिए वन-टू-वन का फॉर्मूला दिया दिया है। वहीं कांग्रेस सभी विपक्षी दलों को एक साथ लाने की कवायद में जुटी है।

सभी विपक्षी दलों को न्योता
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रोजा इफ्तार पार्टी के लिए सपा, बसपा, एनसीपी, आरजेडी, वामदल, जेडीएस सहित सभी विपक्षी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया है। हालांकि रामविलास पासवान जैसे एनडीए के उन नेताओं को न्योता नहीं दिया गया है, जो पहले यूपीए सरकार का हिस्सा रह चुके हैं। जबकि पहले माना जा रहा था, कि कांग्रेस उन नेताओं को भी न्योता दे सकती है जो पहले उसके साथी रह चुके हैं।

कांग्रेस के इतिहास में पहले भी मिला था न्योता
इससे पहले, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मार्च में विपक्षी दलों के लिए एक बड़ा भोज रखा था, जिसमें तकरीबन 17 विपक्षी पार्टियों के नेता शामिल हुए थे। सोनिया गांधी की ‘डिनर डिप्लोमेसी’ हर तरफ चर्चा का विषय बन गई थी। इस डिनर के जरिए सभी विपक्षी दलों का विश्वास बटोरना और उन्हें एकजुट करने का मकसद था। कांग्रेस ने कहीं न कहीं यह संकेत देने की कोशिश थी,कि आने वाले चुनावों मे अगर मोदी का विकल्प चुना गया तो, वह गठबंधन कांग्रेस के नेतृत्व में ही होगा।

कई सहयोगी दलों के नेता नहीं पहुंचेंगे
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव कांग्रेस अध्यक्ष की इफ्तार में शामिल नहीं हो सकेंगे क्योंकि आज ही पटना में आरजेडी की तरफ से इफ्तार का आयोजन किया गया है। आरजेडी प्रतिनिधि के तौर पर पार्टी प्रवक्ता मनोज झा शामिल होंगे। जेडीएस की ओर से कुंवर दानिश अली अपनी पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे। इसके अलावा एनसीपी की ओर से तारिक अनवर के शामिल होने की संभावना है। बाकी विपक्ष के नेताओं के शामिल होने को लेकर तस्वीर अभी साफ नहीं है।

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