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पवन पुत्र हनुमानजी को मिला विस्फोटों से स्टे

गुना के पिपरौदा खुर्द में क्रेशरों को लीज पर दी गई 13 खदानों में होने विस्फोट पर रोक लगाई गई है। यह रोक नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा बुधवार को लगाई गई।

अधिवक्ता डा. पुष्पराग के अनुसार पर्यावरण से जुड़े इस मामले में आवेदक के रूप में पवन पुत्र, अजंनी लला हनुमानजी को बनाया गया है।

उनको विस्फोटों से फिलहाल स्टे मिल गया है।

खनिज विभाग ने 13 खदान लीज पर दी थी और उनको 18 फीट तक पत्थर खोदने की मंजूरी दी, लेकिन उन्होंने 80 फीट नीचे तक पत्थरों की खुदाई कर दी।

इन खदानों में शारदीय नवरात्रों के चंद दिन पहले सात बच्चों की पानी में डूबकर मौत हो गई थी।

पिपरौदा खुर्द में लंबे समय से खदान में पत्थर निकाला जा रहा है। इसके लिए व्यापक स्तर पर विस्फोट किया जाता है।

इस कारण खदानों के पास स्थित हनुमानजी का मंदिर क्षतिग्रस्त होने लगा। एक दिन तेज विस्फोट से हनुमानजी की मूर्ति भी तड़क गई।

इसके बाद मंदिर के पुजारी देवेंद्र भार्गव एनजीटी में मामले को लेकर गए।

एनजीटी में अंजनी पुत्र हनुमान बनाम मध्यप्रदेश राज्य के नाम से केस चल रहा है।

फ़िलहाल कोर्ट ने विस्फोट पर रोक लगाने के निर्देश दिए। कोर्ट ने पूछा- लीजवालों को क्यों नहीं बनाया पार्टी इस संबंध में कोर्ट ने आवेदक पक्ष से भी पूछा कि इसमें उन लोगों को पार्टी क्यों नहीं बनाया, जिनको जमीन लीज पर दी गई है। इसमें आवेदक की ओर से कहा गया, लीज किस-किस को है, इसकी जानकारी आरटीआई के तहत मांगी है। कोर्ट ने खनिज विभाग को 13 लोगों की लीज की जानकारी के साथ आने को कहा है।

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